
दमोह। शहर के धगट चौराहा स्थित राजा मैरिज हॉल में चल रही श्रीमद् भागवत कथा भक्ति महायज्ञ का मंगलवार को तृतीय दिवस बुधवार को संपन्न हुआ.यह कथा 8 जून से प्रारंभ होकर 15 जून तक चलेगी. कथा का आयोजन गौड़ीय परंपरा के विशुद्ध संत नित्य लीला प्रविष्ट गुरुदेव श्री चक्रधर प्रसाद ब्रह्मचारी जी महाराज के कृपा आशीर्वाद से वर्तमान आचार्य श्री हरे कृष्ण दास ब्रह्मचारी जी महाराज के तत्वावधान में हो रहा है.तृतीय दिवस के प्रसंग में पूज्य आचार्य ने श्रीमद् भागवत के पृथु चरित्र, पुरंजनोपाख्यान, महाराज प्रियव्रत, ऋषभदेव व जड़ भरत जी के चरित्र का विस्तार से वर्णन किया. अंत में भगवान नरसिंह देव का प्राकट्य उत्सव मनाया गया.
प्रह्लाद महाराज के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भगवान का भजन बाल्यकाल से ही करना चाहिए क्योंकि वृद्धावस्था में भजन कर पाना दुष्कर होता है. जैसे हम भगवान को खिला हुआ सुंदर पुष्प चढ़ाते हैं, वैसे ही मनुष्य शरीर की खिली हुई उम्र में ही भगवान का भजन करना चाहिए. भगवान नरसिंह देव का प्राकट्य इस बात का प्रमाण है कि भगवान भक्त के अधीन हैं और भक्त के स्मरण से स्तंभ से भी प्रकट हो सकते हैं.
