सीहोर। समान नागरिक संहिता के अध्ययन एवं परीक्षण के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता समिति के सदस्य प्रो. गोपाल शर्मा ने की. इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शांति समिति के सदस्यों, पत्रकारों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने यूसीसी पर सुझाव दिए. बैठक में समिति के सदस्य गोपाल शर्मा ने कहा कि समान नागरिक संहिता से समाज में सद्भाव एवं सौहार्द की स्थापना होगी. पारिवारिक और सामाजिक संबंधों में अनावश्यक तनाव की स्थिति नहीं बनेगी. यह एक गंभीर एवं महत्वपूर्ण विषय है, जिस पर प्रदेश सरकार नागरिकों की राय लेकर अध्ययन कर रही है. यूसीसी लागू होने से महिलाओं, बच्चों एवं सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित होगा तथा विवाह, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार एवं अन्य पारिवारिक विषयों में समानता स्थापित होगी.
उन्होंने कहा कि पुरुष और महिलाओं के अधिकारों में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं रहेगा तथा दत्तक पुत्र को भी जेनेटिक पुत्र के समान अधिकार प्राप्त होंगे. वर्तमान में विभिन्न धर्म एवं समुदायों के लिए अलग-अलग पारिवारिक कानून प्रचलित हैं. विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा लिव-इन संबंध जैसे विषय समान नागरिक संहिता की परिधि में आते हैं. प्रदेश सरकार यूसीसी के संबंध में नागरिकों केसुझाव प्राप्त करने के लिए पोर्टल संचालित कर रही है. नागरिकों से अपील की कि वे पोर्टल पर अपने सुझाव दर्ज करें.
