नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (वार्ता) कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि मणिपुर में पिछले तीन वर्षों से जारी हिंसा और अशांति को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चुप्पी साध रखी है, जबकि राज्य में लगातार हिंसा की घटनाएं हो रही हैं और कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है।
कांग्रेस सांसद बिमोल अकोइजाम ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में श्री मोदी पर मणिपुर हिंसा को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया और कहा कि पिछले तीन वर्षों से मणिपुर ‘जल रहा है’ लेकिन श्री मोदी ने अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही राज्य का दौरा किया। उन्होंने कहा कि श्री मोदी की यह चुप्पी और उदासीन रवैया राज्य के लोगों की पीड़ा के प्रति उनकी असंवेदनशीलता को दर्शाता है।
उंन्होने कहा कि हाल के दिनों में भी राज्य में लगातार हिंसक और दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं सामने आई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। उन्होंने श्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से तत्काल हस्तक्षेप कर हालात को नियंत्रित करने और राज्य में शांति बहाल करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य में जारी हिंसा और अस्थिरता से आम लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
श्री बिमोल अकोइजाम ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस समिति ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इस संबंध में प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने हालिया घटनाओं, विशेषकर दो बच्चों की हत्या के मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सख्त सजा दिलाने के साथ ही आयोग अधिनियम, 1952 के तहत न्यायिक जांच आयोग गठित कर वहां हो रही घटनाओं को लेकर पूरे मामले की जांच कराने की भी मांग की है।
कांग्रेस ने राज्य में सक्रिय उग्रवादी समूहों और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाने की मांग की और कहा कि मणिपुर पुलिस के पुनर्गठन और उसे सशक्त बनाकर कानून-व्यवस्था तत्काल बहाल की जानी चाहिए। पार्टी ने आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों की बहाली सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि लोग अपने घरों, सड़कों, अस्पतालों, हवाई अड्डों और शैक्षणिक संस्थानों तक निर्बाध पहुंच बना सकें। पार्टी ने हिंसा से प्रभावित लोगों को आर्थिक सहायता देने तथा राज्य की अर्थव्यवस्था पर हिंसा के कारण पड़े प्रभाव को देखते हुए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करने की भी मांग की है।
उन्होंने राज्य में हुई हिंसा की जांच रिपोर्टों को सार्वजनिक कर अवैध हथियारबंद समूहों पर कड़ी निगरानी रखते हुए उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की भी मांग की और कहा कि सरकार को पारदर्शिता के साथ ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो सके।
