​74 की उम्र, 21 किमी की दौड़: ब्यावरा के इस जवान के आगे युवा भी भरते हैं पानी

गोविन्द बड़ोने

ब्यावरा: वर्तमान दौर में 60-65 वर्ष की आयु वर्ग के व्यक्ति को वृद्ध और 70 से 75 वर्ष की आयु वर्ग को वयोवृद्ध की श्रेणी में रखा जाता है. ब्यावरा नगर में एक 74 वर्षीय धावक को देख कोई उन्हें वयोवृद्ध तो छोड़ वृद्ध कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है. उनका प्रतिदिन 16 से 21 किमी तक दौडऩा अविश्वसनीय लगता है. जिसे अविश्वास हो वह प्रात: चार से पांच के बीज पीपल चौराहे से बामलाबे जोड़ (राजगढ़ रोड़) पर इस 74 वर्षीय जवान को एक युवा धावक की तरह दौड़ता हुआ देख सकता है.
इस जवान रूपी वयोवृद्ध का नाम सुरेन्द्र सिंह राघव है.

विद्युत मंडल में करीब 30 वर्ष की सेवाओं के बाद जूनियर इंजीनियर के पद से सेवानिवृत्त हुए श्री राघव अपने व्यक्तित्व में अनेकों विशेषताओं के लिये जाने जाते है. अपने काम को ईश्वर की पूजा के रूप में करने वाले श्री राघव सेवा के दौरान हमेशा समय के पाबंद, ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठता, अनुशासन से रहना और देर तक काम करने में संकोच नहीं करने वाले रहे है. श्री राघव की सेवा के दौरान कई बार विद्युत मंडल के वरिष्ठो, अधिनस्थों से अनबन हुई. समझोतावादी जीवन उन्हें स्वीकार नहीं है. आज भी सिस्टम के विरूद्ध मुखर होने में उन्हें देर नहीं लगती है. फक्कड़ स्वभाव, स्वाभिमान को सर्वोपरि मानना और अनुशासित जीवन जीने का उनका अपना अंदाज है.
बीमारी और अस्पताल से कभी कोई वास्ता नहीं
74 वर्ष की उम्र में भी वे किसी प्रकार की बीमारी से मुक्त है. उन्होंने जीवन में कभी किसी बीमारी के चलते अस्पताल का मुंह नहीं देखा. वे अपनी दिनचर्या को लेकर अनुशासित है. प्रात: प्रतिदिन तीन बज उठ जाना, प्राणायम कर दौडऩे निकल जाना उनकी आदत है. यह उनका शौक भी है. चाय का सेवन नहीं करना, 21 किमी की दौड़ करने के बाद आधा लीटर दूध पीना, तीन-चार कैले खाना उनकी दिनचर्या है. वे शुद्ध शाकाहारी है. शकर कम खाते है लेकिन मन पसंद मीठाई खाना हो तो डटकर खाने से भी उन्हें परहेज नहीं है. कोरोना के दौरान खुद स्वस्थ्य रहे और लोगो को विभिन्न प्रकार से उपचार किया.
आर्य समाजी..दयानंद सरस्वती का बताया
प्राणायाम करते है !
श्री राघव पक्के आर्यसमाजी है. वे महर्षि दयानंद सरस्वती के तमाम शास्त्र पढ़ते है. सत्यार्थ प्रकाश में जिस प्राणायम का जिक्र है. जिस विधि से नाड़ी शोधन किया जाता है उसे वे नियमित करते है. इसमें श्वांस को करीब ढाई मिनिट तक रोके रखने का उनको अभ्यास है. वे तैरना नहीं जानते है वर्ना बहुत अच्छे तैराक होते. उनके पास 80 वर्ष पुरानी पुस्तके है.
उन्हें यज्ञ पर खूब भरोसा है. विशेष अवसरों पर वे यज्ञ करते है. यज्ञ से शुद्धि का एक मात्र साधन मानते है. वे कहते है यज्ञ के बिना कल्याण नहीं है. हम प्रकृति से सब कुछ लेते है. लेकिन प्रकृति को देते कुछ नहीं है. यज्ञ से इसकी पूर्ति की जा सकती है. वे नियमित आर्य समाज मंदिर जाकर हवन में शामिल होते है.
उनकी आयु वर्ग की प्रतियोगिता नहींने से दु:खी
कोई भी उन्हें दौड़ते देखता है तो यह मा नहीं सकता है कि उनकी जन्म तिथि 30 दिसंबर 1952 होगी. वे हर युवा को मात देते नजर आते है. वे इस बात से दु:खी है कि उनकी आयु वर्ग की कोई प्रतियोगिता नहीं होती है. वे भोपाल में कई मैराथन दौड़ में शामिल होने जा चुके है लेकिन उनका आयु वर्ग शामिल नहीं होने से वे 18 और 21 वर्ष के युवा के साथ दौडऩे को मजबूर होते है. यद्यपि वे तब भी युवाओं को मात देते नजर आते है.
गत वर्ष उन्होंने एसबीआई द्वारा सितंबर 25 में भोपाल में आयोजित 21 किमी की दौड़ प्रतियोगिता में भाग लिया था. ऑपरेशन सिंदूर के नाम से महू आर्मी ने नवंबर में 21 किमी की दौड़ कराई थी उसमें भी शामिल हुए. 22 फरवरी 26 में उन्हें भोपाल में आयाजित 42 किमी की मैराथन दौड़ में उम्र के कारण शामिल होने की अनुमति नहीं दी. उन्होंने ब्यावरा में कई बार 42 किमी की दौड़ कर तैयारी की थी. भोपाल में एलएनसीटी द्वारा 25 जनवरी को 21 किमी की दौड़ में वे शामिल जरूर हुए लेकिन आयु वर्ग का कोई नहीं था इसलिये सांत्वाना पुरस्कार लेकर लौट आए.
पांच सालों से मोटरसायकल नहीं चलाई
सुरेन्द्र सिंह राघव की आदत पैदल चलने की हो गई है. वे नगर में अपने तमाम कार्य पैदल जाकर ही करते है. उन्होंने लगभग पिछले पांच सालों से अपनी मोटर सायकल नहीं चलाई. नई पीढ़ी को वे नियम संयम से रहने, सुबह जल्दी उठने, पुस्तके पढऩे, ईश्वर का ध्यान करने की सीख देते हुए कहते है कि मोबाईल से दूर रहना आज के युवा को पहली प्राथमिकता मानना चाहिए.

Next Post

78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण सत्र 2025-26 का दीक्षांत परेड समारोह संपन्न

Tue Jun 9 , 2026
इंदौर: पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय, इंदौर में 78वें नव आरक्षक बुनियादी प्रशिक्षण 26 के प्रशिक्षण पूर्ण होने के अवसर पर भव्य दीक्षांत परेड समारोह का आयोजन किया। यह दीक्षांत परेड समारोह मध्यप्रदेश पुलिस के मुखिया कैलाश मकवाना, पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। 15 जून 2025 से प्रारंभ […]

You May Like