सिंगरौली:बैढ़न बस स्टैंड से अपहृत दो वर्षीय मासूम बच्ची को सिंगरौली पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर झारखंड से सकुशल बरामद कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार चलाए गए सघन अभियान के चलते आरोपी को गिरफ्तार कर बच्ची को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। इस कार्रवाई से परिजनों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है।
जानकारी के अनुसार ग्राम नगौरा चटनिया टोला थाना जियावन निवासी अर्जुन सिंह गोंड ने बैढ़न थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 15 मई की रात वह अपनी दो वर्षीय पुत्री मनीषा सिंह के साथ बस स्टैंड बैढ़न में सोया हुआ था। देर रात जब उसकी नींद खुली तो बच्ची गायब थी। आसपास काफी तलाश के बाद भी कोई सुराग नहीं मिला। मामले की गंभीरता को देखते हुए बैढ़न थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक बियाज के.एम. ने तत्काल विशेष एसआईटी गठित की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा और प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक राहुल सैयाम के नेतृत्व में 10 टीमों का गठन किया गया, जिनमें करीब 150 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी लगाए गए। बच्ची और आरोपी की जानकारी देने वाले के लिए 10 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई।
पुलिस ने बच्ची की तलाश में बैढ़न, विंध्यनगर, मोरवा, बरगवां और माड़ा क्षेत्र के रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, सुनसान इलाके, अस्पताल, नदियों और डैमों तक सर्च अभियान चलाया। वहीं करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। बच्ची के फोटो वाले पंपलेट सार्वजनिक स्थलों, बसों और ऑटो में चस्पा कराए गए तथा सोशल मीडिया और समाचार पत्रों के माध्यम से भी जानकारी प्रसारित की गई।
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग तब मिला जब मुखबिर ने सूचना दी कि एक संदिग्ध व्यक्ति ट्रामा सेंटर रोड से बिलौंजी की ओर एक छोटी बच्ची को लेकर जाते देखा गया है। पुलिस ने संबंधित मार्गों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपी बच्ची को लेकर जाते दिखाई दिया। आगे की जांच में वह माजन मोड़ पर बस से उतरते हुए नजर आया। बस चालक और परिचालक से पूछताछ में पता चला कि आरोपी नौगढ़ जाने का रास्ता पूछ रहा था।
इसके बाद पुलिस ने नौगढ़ मार्ग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और बड़ी संख्या में ऑटो व बस चालकों से पूछताछ की। एक ऑटो चालक ने बताया कि उसने आरोपी और बच्ची को विजय बंधु पेट्रोल पंप के पास छोड़ा था। ग्राम नौगढ़ में पुलिस ने घर-घर जाकर पूछताछ की, जहां शबनम परवीन नामक महिला ने आरोपी की पहचान विनोद महतो निवासी लातेहार, झारखंड के रूप में की।
जानकारी मिलते ही पुलिस की दो विशेष टीमें झारखंड रवाना की गईं। लातेहार जिले के बालूमार थाना क्षेत्र स्थित आरोपी के गांव में दबिश देकर विनोद महतो को गिरफ्तार कर लिया गया और मासूम मनीषा को सकुशल बरामद कर लिया गया।इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी बैढ़न निरीक्षक अशोक सिंह परिहार, विंध्यनगर थाना प्रभारी अर्चना द्विवेदी, नवानगर थाना प्रभारी डॉ. अनिल पटेल सहित कई थाना प्रभारियों, साइबर सेल और पुलिस टीम के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई को “मुस्कान अभियान” की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
