इंदौर: मध्यप्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने स्कीम नंबर-114 स्थित 33/11 केवी सब स्टेशन की क्षमता 20 एमवीए से बढ़ाकर 25 एमवीए करने का दावा किया है, लेकिन शहर के कई क्षेत्रों में लगातार सामने आ रही बिजली कटौती और वोल्टेज संबंधी समस्याओं के बीच यह वृद्धि कितनी प्रभावी साबित होगी, इस पर सवाल उठ रहे हैं.
कंपनी ने एसएसटीडी योजना के तहत पुराने 5 एमवीए ट्रांसफार्मर की जगह 10 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सोमवार शाम उसे ऊर्जीकृत किया. अधिकारियों का कहना है कि इससे लगभग 10 कॉलोनियों के 5 हजार से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा, लेकिन स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि क्षमता वृद्धि के बावजूद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और निर्बाध सेवा अब भी चुनौती बनी हुई है.
विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से बढ़ती आबादी और बिजली मांग को देखते हुए केवल 5 एमवीए की अतिरिक्त क्षमता भविष्य की जरूरतों के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा सकती. विभाग की ओर से क्षमता वृद्धि को बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक सफलता का आकलन गर्मी और पीक लोड सीजन में होगा, जब बिजली नेटवर्क पर दबाव सबसे अधिक रहता है. फिलहाल यह देखना बाकी है कि यह विस्तार जमीनी स्तर पर बिजली कटौती, ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज जैसी समस्याओं को कितनी हद तक कम कर पाता है.
