‘युद्धविराम’ की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं ईरान और इज़रायल : ट्रंप

वाशिंगटन/तेल अवीव, 08 जून (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान और इज़रायल युद्धविराम की दिशा में बढ़ रहे हैं।

श्री ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, “शांति को लेकर अंतिम बातचीत आगे बढ़ रही है, बशर्ते अज्ञानता या मूर्खता उसके रास्ते में न आए। अंतिम समझौता होने तक नाकेबंदी जारी रहेगी और पूरी तरह लागू रहेगी। चीजें तेजी से आगे बढ़नी चाहिये।”

श्री ट्रंप पिछले कई सप्ताह से संकेत दे रहे हैं कि संघर्ष समाप्त करने के लिए प्रारंभिक समझौता करीब है, हालांकि अब तक कोई अंतिम करार नहीं हो पाया है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और इज़रायल दोनों ने एक-दूसरे पर हमले रोकने के संकेत दिये हैं।

इजरायली अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के अनुसार एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि अमेरिका ने ईरान को संदेश दिया है कि यदि तेहरान मिसाइल हमले रोक देता है तो इजरायल भी आगे कोई हमला नहीं करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल ने फिलहाल हमले रोकने पर सहमति जताई है।

एक इजरायली अधिकारी ने स्थानीय मीडिया से कहा कि यह फैसला ट्रंप के अनुरोध पर लिया गया है। हालांकि उसने स्पष्ट किया कि दक्षिणी लेबनान में हिज्बुल्लाह के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

अधिकारी ने कहा, “ऐसा लग रहा है कि लड़ाई का यह दौर अब पीछे छूट चुका है। अब राजनीतिक नेतृत्व के अंतिम फैसले का इंतजार है।”

इजरायल के चैनल-12 ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया कि ट्रंप के अनुरोध पर ईरान के खिलाफ हमले रोके जा रहे हैं। हालांकि यदि हिज्बुल्लाह की ओर से हमले जारी रहे तो दक्षिणी लेबनान में कार्रवाई जारी रहेगी।

इस बीच अमेरिकी और इजरायली मीडिया में श्री ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत की खबरें भी सामने आई हैं, हालांकि बातचीत का ब्यौरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।

ईरान ने कहा है कि उसने इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान रोक दिया है, लेकिन चेतावनी दी कि यदि हमले जारी रहे, विशेषकर दक्षिणी लेबनान में, तो वह दोबारा कार्रवाई करेगा।

ईरानी सेना ने तस्नीम समाचार एजेंसी के हवाले से जारी बयान में कहा, “लेबनान के उत्पीड़ित लोगों के समर्थन में इस्लामी गणराज्य ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने इस शासन (इजरायल) को कड़ा जवाब दिया है।”

बयान में कहा गया, “यदि आक्रामक और शत्रुतापूर्ण कार्रवाई जारी रहती है, जिसमें दक्षिणी लेबनान में हमले भी शामिल हैं, तो पहले से कहीं अधिक कठोर और निर्णायक कदम उठाए जाएंगे।”

इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंत्रियों को भेजे संदेश में कहा कि इजरायल तेहरान को कोई नया समीकरण बनाने की अनुमति नहीं देगा, जिसके तहत बेरूत में हिज्बुल्लाह के गढ़ों पर हमलों के जवाब में इजरायल के नागरिक इलाकों को निशाना बनाया जाए।

बयान में कहा गया, “हम अपने नागरिकों के खिलाफ हिज्बुल्लाह के खतरे को खत्म करने के लिए जरूरत पड़ने पर पूरे लेबनान में कार्रवाई जारी रखेंगे।”

इस बीच रिपोर्टें हैं कि श्री नेतन्याहू ईरान के साथ बढ़ते तनाव पर चर्चा के लिए सुरक्षा कैबिनेट की बैठक बुला सकते हैं।

इजरायल रक्षा बल (आईडीएफ) के अनुसार ईरान ने इजरायल पर करीब 30 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जबकि यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने भी दो मिसाइलें दागीं। श्री ट्रंप ने इससे पहले दोनों पक्षों से युद्धविराम पर सहमत होने और “तुरंत गोलीबारी बंद करने” की अपील की थी।

आईडीएफ ने दावा किया कि उसने ईरान के “रणनीतिक रक्षा तंत्र” पर बड़े पैमाने पर हमला पूरा कर लिया है। वहीं ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने इजरायल के दो सैन्य हवाई अड्डों को निशाना बनाया है।

 

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