
जबलपुर। मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के मार्गदर्शन में प्रधान जिला न्यायाधीश और अध्यक्ष कृष्णमूर्ति मिश्र के नेतृत्व में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस केन्द्रीय जेल, जबलपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। जिसपर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शक्ति वर्मा ने बताया कि बंदियों को अनेक कानूनी अधिकार प्राप्त हैं। जिनमें गिरफ्तारी के कारणों को जानने का अधिकार, अपने वकील से मिलने का अधिकार, और उचित सुनवाई का अधिकार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त बंदियों को व्यवहार और गरिमा का अधिकार है और उन्हें बुनियादी सुविधाएं जैसे कि भोजन, पानी, चिकित्सा देखभाल और साफ-सुथरा वातावरण पाने का भी अधिकार है।
चुन सकते हैं अपना वकील
उन्होंने आगे बताया कि बंदियों को अपनी पसंद के वकील से मिलने और कानूनी प्रतिनिधित्व प्राप्त करने का अधिकार भी प्राप्त है। यदि कोई बंदी बीमार पड़ता है, तो उसे बेहतर चिकित्सा सुविधा प्राप्त करने का अधिकार है। यदि कोई बंदी जेल में काम करता है, तो उसे उचित मजदूरी पाने का अधिकार है। जेलों का उद्देश्य कैदियों को सुधारना और उन्हें समाज में वापस लाने में मदद करना है। किसी भी कैदी के साथ जाति, धर्म, लिंग या अन्य किसी भी आधार पर भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये अधिकार कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त हैं और जेल प्रशासन को इनका पालन करना आवश्यक है। यदि कैदी कानूनी सहायता प्राप्त करने में असमर्थ है, तो उसे निःषुल्क कानूनी सहायता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाती है। इस कार्यक्रम के दौरान सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा बंदियों की समस्या भी सुनी एवं उनका निराकरण किया। कार्यक्रम के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अमर बर्मन, अविनाश चैधरी, एवं एलएडीसीएस वेदांत पटेल, गौरव पाठक, केन्द्रीय जेल जबलपुर से राहुल चैरसिया, विवेकानन्द शर्मा, जेल स्टाॅप एवं बंदीजन उपस्थित रहे।
