परिसीमन विधेयकों के खिलाफ विपक्षी दलों की बनी एकजुटता जैसी एकता की जरूरत महंगाई, संविधान जैसे मुद्दों पर भी है: खरगे

नयी दिल्ली, 08 जून (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा है कि विपक्षी दलों के इंडिया गठबंधन ने लोकसभा में परिसीमन से जुड़े विधेयकों के खिलाफ जिस एकजुटता का परिचय दिया था, अब उसी भावना के साथ केंद्र सरकार के कुशासन के खिलाफ भी सामूहिक संघर्ष को आगे बढ़ाया जाएगा।श्री खरगे ने सोमवार को यहां कांस्टीट्यूशन क्लब में विपक्षी गठबंधन की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि यह गठबंधन लगभग तीन वर्ष पहले अस्तित्व में आया था और गत 17 अप्रैल को लोकसभा में सभी विपक्षी दलों ने एकजुट होकर परिसीमन के मुद्दे पर मोदी सरकार के ‘दुर्भावनापूर्ण’ विधेयकों को पराजित किया था।

उन्होंने कहा कि अब इस एकता को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि देश के सामने मौजूद राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक तथा विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों का डटकर सामना किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण करोड़ों लोगों का मताधिकार छीना जा रहा है और संविधान पर लगातार हमला हो रहा है।

श्री खरगे ने कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने, डराने-धमकाने के लिए किया जा रहा है और गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, आर्थिक माहौल नकारात्मक है और नयी नौकरियां पैदा करने के लिए जिस गति से निवेश आना चाहिए, वह नहीं आ रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहा है और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का भविष्य संकट में है। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली के कुप्रबंधन के कारण लाखों युवाओं की आशाओं और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात हो रहा है तथा समाज के कमजोर वर्गों पर अत्याचार जारी हैं।

उन्होंने कहा कि विदेश नीति में पारंपरिक मूल्यों से समझौता किया जा रहा है।

 

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