लखनऊ: प्रयागराज जिले के झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद गिरी से जुड़े प्रकरण में अब मेडिकल रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच का फोकस और तेज हो गया है। पुलिस द्वारा कराई गई दो नाबालिग बटुकों की चिकित्सीय जांच में यौन उत्पीड़न के संकेत मिलने का उल्लेख किया गया है।चिकित्सकों की रिपोर्ट में कहा गया है कि बच्चों के साथ कथित रूप से जबरन यौन कृत्य या शोषण किए जाने के संकेत पाए गए हैं। हालांकि अंतिम निष्कर्ष न्यायालयीन प्रक्रिया और फॉरेंसिक साक्ष्यों के समग्र परीक्षण के बाद ही स्पष्ट होंगे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मेडिकल रिपोर्ट को केस डायरी में शामिल कर आगे की विवेचना की जा रही है।
इस बीच, शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि उनके पास आरोपों से जुड़े साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बच्चों को बिहार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लाए जाने का मामला सामने आया है। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी शेष है।उधर,मामले ने राजनीतिक स्वर भी ग्रहण कर लिया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोपों को निराधार बताते हुए संत की प्रतिष्ठा की रक्षा की बात कही है। वहीं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं मेडिकल साक्ष्य, बयान और उपलब्ध दस्तावेजों का परीक्षण कर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी।
