इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगिओनो नई दिल्ली पहुंचे हैं। वह विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ द्विपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर चर्चा करेंगे।
इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो कूटनीतिक यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे हैं। उनका यह दौरा दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा देगा। रविवार सुबह यहां पहुंचने पर उनका बहुत ही गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस यात्रा को लेकर कूटनीतिक हलकों में भारी उत्साह है।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और इंडोनेशिया के बीच द्विपक्षीय सहयोग और व्यापारिक साझेदारी बढ़ाना है। सुगियोनो 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक में भाग लेने आए हैं। यह बैठक आपसी सहयोग की समीक्षा करने का मंच प्रदान करेगी। इससे विदेश नीति के नए रास्ते खुलेंगे।
संयुक्त आयोग की अहम बैठक
सुगियोनो नई दिल्ली में डॉ. एस. जयशंकर के साथ अहम बैठक करेंगे। दोनों नेता 8वीं भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी। यह बैठक आपसी व्यापार और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बहुत खास है।
द्विपक्षीय संबंधों का इतिहास
जनवरी 2001 में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद संयुक्त आयोग तंत्र की स्थापना हुई थी। इससे पहले 7वीं संयुक्त आयोग बैठक 17 जून 2022 को नई दिल्ली में आयोजित हुई थी। तब इस बैठक की अध्यक्षता जयशंकर और तत्कालीन विदेश मंत्री रेटनो मार्सुडी ने की थी। यह बैठकें मजबूत रिश्ते को दर्शाती हैं।
इससे पहले 14 मई को भी जयशंकर ने इंडोनेशिया के विदेश मंत्री सुगियोनो से मुलाकात की थी। यह मुलाकात ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान संपन्न हुई थी। दोनों नेताओं ने भारत-इंडोनेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी और आसियान के साथ सहयोग की समीक्षा की थी। यह सहयोग एशिया की सुरक्षा के लिए जरूरी है।
गणतंत्र दिवस समारोह के अतिथि
जनवरी 2025 में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भारत की राजकीय यात्रा पर आए थे। उन्होंने भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया था। यह ऐतिहासिक मौका राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ के अवसर के साथ मेल खाता था। यह दोनों देशों के लिए गर्व की बात थी।
रक्षा और समुद्री क्षेत्र
साल 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जकार्ता यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी बनाया था। भारत और इंडोनेशिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सहयोग पर दृष्टिकोण अपनाया था। इस पहल से रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों के संबंध काफी मजबूत हुए हैं। इससे द्विपक्षीय व्यापार को भी भारी सुरक्षा मिलेगी।
