इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के 150 ठिकानों पर भीषण बमबारी की है। इस हमले में लेबनानी सेना के ब्रिगेडियर जनरल और कैप्टन सहित कम से कम 12 लोगों की जान चली गई है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अंतरराष्ट्रीय दबाव और मध्यस्थता की कोशिशों को दरकिनार करते हुए दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा सैन्य अभियान छेड़ दिया है।
जानकारी के अनुसार, इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने हिजबुल्लाह से जुड़े लगभग 150 ठिकानों पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इन हमलों के बाद शांति वार्ता की उम्मीदों को एक बार फिर गहरा झटका लगा है।
लेबनानी सेना के अधिकारियों की मौत
इस सैन्य कार्रवाई में सबसे चौंकाने वाली खबर लेबनान की नियमित सेना को हुए नुकसान से जुड़ी है। लेबनानी सेना के आधिकारिक बयान के अनुसार, खारदाली-नबातीह मार्ग पर एक सैन्य वाहन को इजरायली मिसाइल का निशाना बनाया गया। इस हमले में लेबनानी सेना के ब्रिगेडियर जनरल वस्साम सबरा और कैप्टन एली खौरी की मौके पर ही मौत हो गई।
उनके साथ एक अन्य सैनिक हुसैन गोजल ने भी अपनी जान गंवाई है। इजरायली सेना ने इस घटना पर सफाई देते हुए कहा है कि यह हमला एक युद्ध क्षेत्र में हुआ था। जहां हालात पहले से ही तनावपूर्ण बने हुए है।
लेबनान सरकार ने जताई कड़ी आपत्ति
लेबनान के शीर्ष नेतृत्व ने इस हमले को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने इसे लेबनानी संप्रभुता का खुला उल्लंघन करार दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे इजरायल की इस ‘क्रूर आक्रामकता’ को रोकने के लिए दखल दें, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानदंडों की धज्जियां उड़ा रही है।
वहीं, लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने भी हमले की निंदा करते हुए शहीद अधिकारियों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। लेबनानी सेना का आरोप है कि इजरायल जानबूझकर ऐसे हमले कर रहा है ताकि शांति की किसी भी संभावना को विफल किया जा सके।
नेतन्याहू ने लिया संकल्प
यह हमला उस समय हुआ है जब अमेरिका की मध्यस्थता में दोनों देशों के बीच सशर्त युद्धविराम पर सहमति बनने की खबरें आ रही थीं। हालांकि, प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे हिजबुल्लाह को कोई रियायत नहीं देंगे। हाल के हफ्तों में हिजबुल्लाह द्वारा उत्तरी इजरायल और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना पर ‘फाइबर ऑप्टिक ड्रोन’ से किए गए हमलों ने तनाव को और भी गंभीर बना दिया।
इसके जवाब में इजरायली वायुसेना ने न केवल दक्षिणी लेबनान, बल्कि पूर्वी बेका घाटी में भी हिजबुल्लाह के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। नेतन्याहू ने लेबनानी चरमपंथी समूहों पर हमले और तेज करने का संकल्प दोहराया है, जिससे आने वाले दिनों में संघर्ष और गहराने के संकेत मिल रहे हैं।
