वाशिंगटन |अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर भेजे गए ईरान के चार आक्रामक ड्रोनों को अमेरिकी सेना ने सफलतापूर्वक मार गिराया है। यह कार्रवाई समुद्री ट्रैफिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए की गई थी। इसके जवाब में, अमेरिकी सेना ने ईरान के कुछ तटीय निगरानी रडार ठिकानों और एक द्वीप पर भी हमला किया है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में पहले से ही नाजुक बनी युद्धविराम स्थिति के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है।
ईरान-अमेरिका के बीच कूटनीतिक गतिरोध
हाल ही में कुवैत के हवाई अड्डे पर हुए घातक ड्रोन हमले और अब होर्मुज में ताजा सैन्य भिड़ंत ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव को और गहरा कर दिया है। जहाँ एक ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ हालात “काफी अच्छे” होने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक समझौतों पर अनिश्चितता बनी हुई है। ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि ईरान को भविष्य में कड़े फैसलों का सामना करना पड़ सकता है।
वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर मंडराया संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया भर में तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति का एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है। इस महत्वपूर्ण रास्ते पर ईरान का दबाव और अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी तेल टैंकरों पर कार्रवाई से वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता का डर पैदा हो गया है। इसके अतिरिक्त, लेबनान में हिज्बुल्लाह और इजरायली सेना के बीच बढ़ती हिंसक झड़पें भी इस व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को और जटिल बना रही हैं, जिससे शांति प्रयासों पर संकट गहरा गया है।

