
जावरा। स्थानीय बस स्टैंड पर श्ुाक्रवार सुबह उस समय एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब यात्री शेड की छत का एक बड़ा हिस्सा (प्लास्टर) अचानक नीचे आ गिरा। सुबह का समय होने के कारण बस का इंतजार कर रहे यात्री इसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस घटना के बाद बस स्टैंड के दुकानदारों और नियमित सफर करने वाले यात्रियों ने नाराजगी जाहिर की है। लोगों का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों को कई बार इस जर्जर निर्माण की ओर ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन कोई सुध नहीं ली गई। रोजाना सैकड़ों यात्रियों की आवाजाही होने के बावजूद सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। बिना उचित मरम्मत के पैचवर्क कर देने से यह स्थिति बनी है। यात्रियों की मांग-प्रशासन किसी बड़े हादसे या किसी की जान जाने का इंतजार न करे। इस शेड की तुरंत मरम्मत कराई जाए या इसे नए सिरे से बनवाया जाए ताकि यात्री सुरक्षित सफर कर सकें।
जर्जर छत खोल रही है रखरखाव की पोल: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह कुछ यात्री शेड के नीचे बैठकर अपनी बस का इंतजार कर रहे थे। तभी अचानक छत से सीमेंट और कंक्रीट का भारी-भरकम प्लास्टर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि मलबे की आवाज सुनते ही यात्री तुरंत पीछे हट गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। अगर यह घटना दोपहर या शाम के व्यस्त समय में होती, तो कई लोग गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।
तस्वीर बयां कर रही है हकीकत: भवन की बदहाली का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्लास्टर गिरने के बाद छत के अंदर का ढांचा पूरी तरह से खोखला नजर आने लगा है। प्लास्टर उखडऩे के बाद अंदर लगा लोहे का जंग लगा सरिया (जाल) पूरी तरह बाहर आ चुका है। इसके साथ ही बची हुई छत पर भी लंबी और गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, जो यह साफ इशारा कर रही हैं कि पूरी छत कभी भी ढह सकती है।
