भोपाल: मप्र के अनेक हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने से गुरुवार शाम और शुक्रवार सुबह आंधी-बारिश का दौर जारी रहा। राजधानी भोपाल में तेज आंधी और वर्षा के कारण लगभग 80 पेड़ अथवा उनकी शाखाएं गिर गईं, जिससे कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और जाम की स्थिति बनी साथ ही कई घंटे विद्युत आपूर्ति भी ठप रही।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने तथा वर्षा होने की संभावना है। नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, शिवपुरी, अशोकनगर, सागर और दमोह जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।भोपाल में गुरुवार शाम 60 से 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चली, जिसके साथ वर्षा और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी हुई। तेज हवाओं के कारण अनेक क्षेत्रों में पेड़ और शाखाएं गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। वहीं झाबुआ और पीथमपुर में भी शुक्रवार सुबह वर्षा दर्ज की गई।
वही देवास जिले में मसुरिया-भंडारिया मार्ग पर वर्षा के दौरान एक कार रपटे में बह गई। कार में सवार चार लोगों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। पिछले 24 घंटों के दौरान रतलाम, भोपाल, इंदौर, श्योपुर, धार, गुना, नर्मदापुरम, शाजापुर, रायसेन, राजगढ़, उज्जैन, जबलपुर, छतरपुर, झाबुआ और सीहोर सहित 20 से अधिक जिलों में वर्षा दर्ज की गई। रतलाम में सर्वाधिक लगभग डेढ़ इंच वर्षा हुई।
आंधी और वर्षा के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आई है। इंदौर में न्यूनतम तापमान एक ही रात में 6.8 डिग्री सेल्सियस घटकर 19 डिग्री पर पहुंच गया। भोपाल में न्यूनतम तापमान 20.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पचमढ़ी प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल पहुंच चुका है, लेकिन मध्यप्रदेश में इसकी दस्तक सामान्य तिथि से कुछ दिन विलंब से होने की संभावना है। प्रदेश में मानसून के 20 से 22 जून के बीच प्रवेश करने का अनुमान जताया गया है।
