नयी दिल्ली 04 जून (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को अहमदाबाद में पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप का उद्घाटन किया और कहा कि योगासन खेलों का ही दूसरा पहलू है और यह भी अन्य खेलों के इकोसिस्टम की तरह अपने साथ नयी संभावनाएं लेकर आयेगा।
योगासन चैंपियनशिप का वर्चुअल माध्यम से उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व योग दिवस से पहले विश्व योगासन चैंपियनशिप लोगों के स्वास्थ्य के मामले में ‘ डबल डोज’ लेकर आई है।
योगासन को देश की विरासत बताते हुए उन्होंने कहा कि योगासन को इस आयोजन के माध्यम से स्पर्धात्मक खेल के रूप में नयी पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा , ” हर जीवंत परंपरा, समय के साथ नए चरण में प्रवेश करती है। योगासन स्पोर्ट्स की ये वर्ल्ड चैंपियनशिप, इसी चरण का शुभारंभ है। इस के माध्यम से योगासन को एक स्पर्धात्मक खेल के रूप में नई पहचान मिलेगी। मुझे विश्वास है कि भविष्य में योगासन भी अंतरराष्ट्रीय खेलकूद में अपनी जगह बनाएगा, चाहे ओलंपिक्स हो या मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट्स हो, हम जितनी मेहनत करेंगे, सुखद परिणाम आ भी सकता है। और निश्चित तौर से इसमें अहमदाबाद में होने जा रही इस पहली वर्ल्ड योगासन चैंपियनशिप की बहुत बड़ी भूमिका होगी।”
श्री मोदी ने योग को खेलों का ही एक अलग पहलू करार देते हुए कहा , ” योगासन खेलों का एक और पक्ष है। हम जानते हैं कि हर बड़ा खेल अपने साथ एक पूरा इकोसिस्टम लेकर आता है। ये रोजगार के नए अवसर पैदा करता है, इसलिए जैसे-जैसे योगासन खेल का विस्तार होगा, वैसे-वैसे इससे जुड़ी नई संभावनाएं भी बढ़ेंगी। यह खिलाड़ियों के लिए नये अवसर लेकर आएगा। ”
उन्होंने कहा कि योग का साल भर प्रसार करने के लिए आयुष मंत्रालय ने ‘योग 365 ‘ अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा , ” मैं इस चैम्पियनशिप में भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों से भी आग्रह करूंगा, जब आप अपने-अपने देशों में लौटें, तो योग के इस संदेश को भी अपने साथ लेकर जाएं। आप सभी, अपने-अपने देशों में ‘योग 365’ के राजदूत बन सकते हैं। आपका अनुभव और योग के प्रति आपका विश्वास, पूरे विश्व को इस संदेश से जोड़ सकता है।”
