नयी दिल्ली, 4 जून (वार्ता) वैश्विक स्तर पर काम करने वाले अमेरिका के प्रसिद्ध बैंकिंग संस्थान सिटी बैंक के संचालक मंडल की प्रमुख और मुख्य अधिशासी अधिकारी (सीईओ) जेन फ्रेज़र ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और भारत के आर्थिक विकास में सहयोग देने की अपनी कंपनी की प्रतिबद्धता को दोहराया। सिटी अगले वर्ष भारत में अपने परिचालन के 125 साल पूरे करने जा रहा है।
सिटी बैंक की ओर से गुरुवार को हुई इस मुलाकात पर जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री के साथ सिटी की सीईओ की कल हुई बातचीत में देश में वैश्विक निवेश आकर्षित करने, विदेशों में भारतीय कंपनियों को बढ़ावा देने और वैकल्पिक ऊर्जा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्रों में अवसरों की तलाश करने जैसे विषय शामिल थे।
बातचीत में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विकास की गति को तेज़ करने और आर्थिक रफ़्तार को बढ़ाने के अपने दृष्टिकोण को साझा किया। चर्चा में कई विषयों को शामिल किया गया, जिनमें भारत में निवेश और पूंजी प्रवाह, विदेशों में भारत के कॉर्पोरेट क्षेत्र के लिए अवसर, वैकल्पिक ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शामिल थे। उन्होंने इस बात पर विचार-विमर्श किया कि सिटी किस प्रकार भारत के आर्थिक एजेंडे को और अधिक समर्थन दे सकती है, देश में वैश्विक निवेशकों को आकर्षित करने में मदद कर सकती है, और दुनिया भर में नए बाज़ारों में विस्तार कर रही भारतीय कंपनियों को बढ़ावा दे सकती है।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने देश के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के विकास से संबंधित अवसरों पर भी चर्चा की, जिसमें सौर ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन जैसे हरित ऊर्जा स्रोत शामिल हैं। बातचीत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विषय भी शामिल था, जिसमें इसके विनियमन की भूमिका और उन क्षेत्रों पर चर्चा हुई जहाँ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए इस तकनीक का उपयोग किया जा सकता है।
इस बैठक में फ्रेज़र के साथ सिटी के भारत में कारोबार के प्रभारी सीईओ, बैंकिंग प्रमुख और भारतीय उपमहाद्वीप के सब-क्लस्टर प्रमुख के. बालासुब्रमण्यम भी मौजूद थे।
दोनों ने देश में सिटी की हालिया प्रगति पर चर्चा की और देश तथा अपने ग्राहकों को समर्थन देने की कंपनी की मज़बूत प्रतिबद्धता को दोहराया। सिटी की ओर से कहा गया है कि यह बैठक प्रधानमंत्री मोदी के सुधार के एजेंडे में वैश्विक वित्तीय संस्थानों के विश्वास को दर्शाता है। प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक पहलों ने भारत के बैंकिंग परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है और वित्तीय समावेशन की प्रक्रिया को तेज़ किया है। देश के अग्रणी अंतरराष्ट्रीय बैंक के तौर पर सिटी ने 3-5 जून तक मुंबई में सीटी इंडिया कांफ्रेंस आयोजित किया है जिसमें में 1,500 से ज़्यादा ग्राहक और निवेशक आमंत्रित किये गये हैं। इस सम्मेलन का इस प्लेटफॉर्म का मकसद भारत से जुड़ी चर्चाओं को आगे बढ़ाना और वैश्विक पूंजी के लिए निवेश के अवसरों को उजागर करना है।

