नई दिल्ली | दिल्ली में भीषण गर्मी के चलते आग की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है। दिल्ली फायर सर्विस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 3 जून तक राजधानी में आग ने कुल 65 लोगों की जान ले ली है। बुधवार को मालवीय नगर के एक होटल में लगी भीषण आग इस वर्ष की सबसे बड़ी त्रासदी बन गई, जिसमें 21 लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
मई में ‘बारूद’ बनी दिल्ली
तापमान बढ़ने के साथ मई का महीना दिल्ली के लिए सबसे भयावह साबित हुआ है। मई में अकेले 3,410 अग्निकांड की घटनाएं दर्ज की गईं, जिसका अर्थ है कि दमकल विभाग को रोजाना औसतन 110 से अधिक कॉल्स अटेंड करनी पड़ीं। 31 मई तक दिल्ली फायर सर्विस को कुल 16,702 आपातकालीन कॉल्स मिलीं, जिनमें से 10,103 मामले सीधे तौर पर आग लगने से जुड़े थे। कचरे और कूड़े के ढेरों में लगने वाली आग भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
होटल अग्निकांड में बड़ी कार्रवाई
मालवीय नगर स्थित हौज रानी इलाके में हुए अग्निकांड में मरने वालों में 9 भारतीय और 12 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गैर इरादतन हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया है। प्रशासन अब इन घटनाओं को रोकने के लिए सख्त सुरक्षा मानकों के अनुपालन और नियमित निरीक्षण पर जोर दे रहा है ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं को टाला जा सके।

