चेन्नई, 19 नवंबर (वार्ता) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक अध्यक्ष एम के स्टालिन ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा मदुरै और कोयंबटूर में मेट्रो रेल परियोजनाओं को अनुमति देने से इनकार करना शर्मनाक है और आत्मसम्मान की यह तमिलनाडु की भूमि संघीय सिद्धांतों में इस तरह की विकृति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने तुच्छ आधार पर इनकी अनुमति देने से इनकार किया है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के खिलाफ बदला लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह ऐसी सामाजिक परंपरा को आगे बढ़ा रही है जिसमें भाजपा शासित राज्यों के छोटे शहरों को भी मेट्रो मिलती है जबकि विपक्षी शासित राज्यों को इससे वंचित रखा जाता है जो एक अपमानजनक दृष्टिकोण है।
श्री स्टालिन ने बताया कि किस प्रकार राज्य ने चेन्नई मेट्रो को रोकने के केंद्र के दुर्भावनापूर्ण प्रयासों पर काबू पाया और उसी दृढ़ संकल्प के साथ राज्य मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो को उनके भविष्य के विकास के लिए सुरक्षित करेगा।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “केंद्र की भाजपा सरकार ने ‘मंदिरों के शहर’ मदुरै और ‘दक्षिण भारत के मैनचेस्टर’ कोयंबटूर के लिए तुच्छ आधार पर मेट्रो रेल को अनुमति देने से इनकार कर दिया है।”
उन्होंने कहा, “सरकार का काम बिना किसी पूर्वाग्रह के लोगों की सेवा करना होता है। लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार तमिलनाडु के इस लोकतांत्रिक विकल्प को बदला लेने का कारण मानती है। ऐसी राजनीतिक परंपरा को आगे बढ़ाना, जिसमें भाजपा शासित राज्यों को छोटे टियर-2 शहरों को मेट्रो मिलती है जबकि विपक्षी शासित राज्यों को इससे वंचित रखा जाता है, एक अपमानजनक दृष्टिकोण है।”
उन्होंने कहा, “आत्मसम्मान की भूमि तमिलनाडु संघीय सिद्धांतों में इस तरह की विकृति को कभी स्वीकार नहीं करेगी।”
श्री स्टालिन ने कहा, “उन्होंने चेन्नई मेट्रो को रोकने का प्रयास किया और हमने उन दुर्भावनापूर्ण प्रयासों पर काबू पाया और परियोजना को आगे बढ़ाया। उसी दृढ़ संकल्प के साथ हम मदुरै और कोयंबटूर मेट्रो रेल को सुरक्षित करेंगे, जिसकी उनके भविष्य के विकास के लिए आवश्यकता है।”
