
ग्वालियर। माधव विधि महाविद्यालय एवं रिसर्च सेंटर, ग्वालियर तथा महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ लॉ के मध्य हस्ताक्षरित एमओयू के अंतर्गत संविधान एवं भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन माधव विधि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीती पांडे के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो. नौवेन्द्र सिंह रावत उपस्थित रहे। उन्होंने व्याख्यान में कहा कि भारतीय संविधान और भारतीय ज्ञान परंपरा एक-दूसरे के पूरक हैं। संविधान के अनेक प्रावधान भारतीय संस्कृति, दर्शन और जीवन मूल्यों से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा में वर्णित आदर्श आज भी संविधान की मूल भावना में परिलक्षित होते हैं।
प्रो. रावत ने कहा कि संविधान में वर्णित मौलिक अधिकार, कर्तव्य, समानता, न्याय एवं सामाजिक कल्याण जैसे मूल्य भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपराओं में निहित रहे हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा और संवैधानिक मूल्यों का समन्वय भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुदृढ़ बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न पूछकर जिज्ञासाओं का समाधान किया। यह व्याख्यान विद्यार्थियों के लिए अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। इस अवसर पर माधव विधि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. नीती पांडे तथा महात्मा गांधी कॉलेज ऑफ लॉ के प्राचार्य डॉ. शिव प्रताप सिंह राघव सहित दोनों महाविद्यालयों के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन माधव विधि महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका एवं एमओयू समन्वयक सोनाली दुबे द्वारा किया गया।
