
नीमच। कांग्रेस के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर के दौरान मंगलवार शाम मनासा रोड स्थित होटल मंगलम में जिला कांग्रेस समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, संगठन पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर संगठनात्मक गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और जिले की राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि संगठन की मजबूती के लिए सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को सामूहिक रूप से कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ताकत उसकी एकजुटता और जनता से जुड़ाव में निहित है। कार्यकर्ताओं को जनता के मुद्दों पर सक्रिय रहकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने की दिशा में कार्य करना चाहिए। प्रदेश प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी ने कहा कि कांग्रेस का प्रशिक्षण अभियान केवल वैचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन को नई दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने पदाधिकारियों से संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और नियमित संवाद बनाए रखने का आह्वान किया। पूर्व मंत्री नरेंद्र नाहटा ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सक्रियता ही संगठन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने जिले में कांग्रेस को और अधिक मजबूत बनाने तथा जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर जोर दिया। बैठक के दौरान जिले के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं एवं पदाधिकारियों ने प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी के समक्ष अपने-अपने क्षेत्र से जुड़े संगठनात्मक सुझाव, स्थानीय समस्याएं और कार्यकर्ताओं की अपेक्षाएं रखीं। नेताओं ने संगठन को अधिक सक्रिय और प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न सुझाव भी दिए। बैठक में आगामी कार्यक्रमों, सदस्यता विस्तार, बूथ सशक्तिकरण और संगठनात्मक समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौरसिया, अजीत कांठेड़, अरविंद चौपड़ा, संगठन मंत्री ब्रजेश मित्तल, पूर्व विधायक डॉ. संपत स्वरूप जाजू, कांग्रेस नेत्री मधु बंसल, कांग्रेस नेता समंदर पटेल, सत्यनारायण पाटीदार, आर. अगर कछावा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनमोहन सिंह (मन्नू बना), महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशा सांभर, कांग्रेस नेता चंद्रशेखर पालीवाल, योगेश प्रजापति, रणजीतसिंह बबली तंवर, हिदायतुल्ला खान सहित जिलेभर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक को कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें प्रशिक्षण शिविर के साथ-साथ संगठन की जमीनी मजबूती और भविष्य की रणनीति पर भी व्यापक चर्चा की गई।
