आदिवासी किशोरी की तस्करी और यौन उत्पीड़न मामले में एनएचआरसी ने लिया स्वतः संज्ञान

नयी दिल्ली, 03 जून (वार्ता) राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने ओडिशा में ढेंकानाल जिले की 17 वर्षीय आदिवासी किशोरी की कथित तस्करी और यौन उत्पीड़न के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है।

एनएचआरसी ने आज बताया कि आयोग ने मामले को मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन से जुड़ा बताते हुए ओडिशा और उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों तथा ढेंकानाल के जिला मजिस्ट्रेट को नोटिस जारी किया है। एनएचआरसी ने सभी संबंधित अधिकारियों से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, जिसमें जांच की वर्तमान स्थिति और पीड़िता को राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी शामिल हो।

उन्होंने बताया कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किशोरी को झांसी में एक घर में लगभग तीन महीने तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ बार-बार यौन उत्पीड़न किया गया। आरोप है कि गर्भवती होने पर उसकी इच्छा के विरुद्ध गर्भपात कराया गया। इसके बाद उसे 50 हजार रुपये में एक अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया, जहां भी उसका लगातार शोषण होता रहा।

पीड़िता एक स्थानीय अधिवक्ता की मदद से किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलने में सफल रही और झांसी पुलिस के पास पहुंची। हालांकि उसका बयान दर्ज किए जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई और उसे केवल ओडिशा लौटने के लिए ट्रेन का टिकट उपलब्ध कराया गया। ओडिशा पहुंचने के बाद राज्य पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और मामले की जांच शुरू की।

 

 

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