
मंदसौर। आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जिले में जर्जर एवं खतरनाक भवनों के विरुद्ध सख्त अभियान प्रारंभ किया है। इसी क्रम में नगर पालिका क्षेत्र के चिन्हित जर्जर भवनों को हटाने की कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस पहल को नागरिक सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
कार्रवाई के दौरान एसडीएम शुभम पाटीदार, तहसीलदार नीलेश पटेल, नायब तहसीलदार अभिषेक चौरसिया तथा नगर पालिका के कार्यपालन यंत्री धारवे की मौजूदगी में नगर पालिका, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने आवश्यक कार्रवाई को अंजाम दिया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका द्वारा संबंधित भवन स्वामियों को पूर्व में नोटिस जारी कर भवनों की जर्जर स्थिति से अवगत कराया गया था तथा आवश्यक सुधार अथवा भवन हटाने के निर्देश दिए गए थे। निर्धारित समयावधि में कार्रवाई नहीं होने पर जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा।
बारिश के मौसम और तेज हवाओं के दौरान जर्जर भवनों के ढहने की आशंका बढ़ जाती है, जिससे राहगीरों, आसपास रहने वाले लोगों तथा संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन का यह अभियान संभावित दुर्घटनाओं को रोकने और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में प्रभावी पहल माना जा रहा है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा जिले में स्थित अन्य जोखिमपूर्ण एवं जर्जर भवनों के विरुद्ध भी अभियान निरंतर जारी रहेगा।
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि उनके भवन जर्जर अथवा खतरनाक स्थिति में हैं तो वे स्वयं आगे आकर उनकी मरम्मत या सुरक्षित निष्कासन की कार्रवाई करें। नागरिकों का सहयोग न केवल उनकी स्वयं की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा बल्कि पूरे शहर को दुर्घटनामुक्त और सुरक्षित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सुरक्षित शहर के निर्माण में प्रशासन और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी ही जनहित की सबसे बड़ी गारंटी है।
