
सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली की आयुक्त सविता प्रधान ने बकाया करों की वसूली को लेकर अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली निजी व लॉजिस्टिक कंपनियों द्वारा समय पर सम्पत्तिकर जमा न करने को लेकर आयुक्त द्वारा कड़ेे निर्देश जारी किए गए हैं। निगम प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर बकाया राशि जमा नहीं की गई, तो संबंधित संस्थानों की चल-अचल संपत्ति कुर्क करने की वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस संबंध में नगर निगम के उपायुक्त आरपी बैस द्वारा अवगत कराया गया है कि एनसीएल निगाही परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत कार्य कर रही मेसर्स सिक्कल लॉजिस्टिक लिमिटेड पर वहां किए गए टिनशेड और पक्का भवन निर्माण के एवज में वित्तीय वर्ष 2026-27 तक का कुल 8 लाख 70 हजार 926 रुपये तथा अमलोरी परियोजना 11 लाख 91 हजार 68 रूपये का सम्पत्तिकर बकाया है। इसी प्रकार इसी परियोजना क्षेत्र में निर्माण कार्य कर रही एक अन्य कंपनी मेसर्स पीसी पटेल इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड पर भी टिनशेड व पक्के भवन निर्माण का 7 लाख 81 हजार 769 रुपये का कर बकाया पाया गया है।
15 दिवस के अंदर राशि जमा करने तिथि तय
ननि उपायुक्त आरपी बैस द्वारा दोनों ही संस्थानों को सूचना प्राप्ति के 15 दिनों के भीतर संपूर्ण बकाया राशि को निगम के अधिकृत कोष में अनिवार्य रूप से जमा कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि संबंधित कंपनियों को यह अंतिम अवसर दिया जा रहा है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर कर का भुगतान न करने की दशा में नगर पालिक निगम अधिनियम के नियमों के तहत बकायेदार संस्थानों की चल और अचल संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं संबंधित संस्थान की होगी।