भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को किसानों की लंबित मांगों को लेकर एक प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने कंधे पर अनाज का बोरा उठाकर सैकड़ों किसानों के साथ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निवास तक पैदल मार्च निकाला। इस प्रदर्शन का उद्देश्य किसानों को उनकी फसलों का उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) दिलाने की मांग को जोरदार ढंग से उठाना था।
पटवारी ने कहा कि किसानों को अब “भावांतर नहीं, भाव चाहिए।” उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर किसानों से किए गए वादे पूरे न करने का आरोप लगाया। पटवारी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने वादा किया था कि धान का एमएसपी ₹3,100 प्रति क्विंटल, गेहूं का ₹2,700 और सोयाबीन का ₹6,000 तय किया जाएगा, लेकिन आज तक किसानों को यह दाम नहीं मिले हैं।”
उन्होंने खंडवा, महिदपुर, तराना और उज्जैन में हाल ही में हुई किसान आत्महत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की “घोर लापरवाही” के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। पटवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “वे किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय हेलीकॉप्टर यात्राओं और आयोजनों पर खर्च कर रहे हैं।”
पटवारी ने सरकार से मांग की कि
फसलों का सटीक सर्वे कर बीमा और मुआवजा योजना को प्रभावी बनाया जाए।
प्याज को भावांतर योजना के बजाय ₹14–15 प्रति किलो की दर से खरीदा जाए।
सोयाबीन का एमएसपी ₹6,000, गेहूं का ₹2,700 और धान का ₹3,100 प्रति क्विंटल तय किया जाए।
किसानों को ₹20,000 प्रति बीघा की प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता दी जाए।
प्रदर्शन के दौरान किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ नारे लगाए। इस अवसर पर डॉ. मुकेश नायक, धर्मेंद्र सिंह चौहान, नितिन राठौर सहित बड़ी संख्या में किसान प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी ने ऐलान किया कि जब तक सरकार किसानों की मांगें पूरी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
