कोलकाता | पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा भूचाल देखने को मिल रहा है, जहां ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) अब टूटने की कगार पर है। पार्टी से निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी ने दावा किया है कि उन्हें पार्टी के 59 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। राजनीतिक गलियारों में इस स्थिति की तुलना महाराष्ट्र के ‘शिंदे मॉडल’ से की जा रही है।
इस बगावत के केंद्र में ऋतब्रत बनर्जी हैं, जिन्हें बागी गुट विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में पेश कर रहा है। विधानसभा में ऋतब्रत और अन्य बागी विधायकों की मौजूदगी ने ममता बनर्जी के खेमे में खलबली मचा दी है। हालांकि, बागी विधायकों के नामों का खुलासा अभी नहीं किया गया है, लेकिन बड़ी संख्या में विधायकों का विधानसभा पहुंचना ममता बनर्जी के लिए एक बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
गौरतलब है कि 1 जून को पार्टी विरोधी गतिविधियों और ‘नकली सिग्नेचर’ विवाद के चलते ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा को टीएमसी से निष्कासित कर दिया गया था। पार्टी लीडरशिप ने इसे अनुशासनात्मक कार्रवाई बताया था, लेकिन बागी नेताओं ने बिना लड़े हार मानने से इनकार कर दिया है। वर्तमान में ये घटनाक्रम राज्य में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे रहा है, जिससे आगामी दिनों में बंगाल की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावना बढ़ गई है।

