
संयुक्त राष्ट्र, 30 मई (वार्ता) संयुक्त राष्ट्र ने ‘अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक दिवस’ के अवसर पर सेवा, साहस और बलिदान के लिए भारत की मेजर अभिलाषा बराक सहित चार यूएन शांतिरक्षकों को सम्मानित करने की घोषणा की है। यह पुरस्कार आगामी पांच जून को न्यूयॉर्क में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रदान किये जायेंगे। भारतीय सेना की मेजर अभिलाषा बराक को उनके असाधारण कार्य और अनुकरणीय नेतृत्व के लिए ‘यूएन मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर’ पुरस्कार से नवाजा जायेगा। उन्होंने शांति मिशन के दौरान महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा की पुरजोर वकालत करते हुए जमीनी स्तर पर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। वैश्विक मंच पर उनके इस अद्वितीय योगदान को सराहते हुए ही उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है।
वर्तमान में मेजर अभिलाषा बराक दक्षिणी लेबनान में तैनात संयुक्त राष्ट्र मिशन की भारतीय बटालियन में सामुदायिक संपर्क टीम की कमांडर और लैंगिक समन्वय अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उन्होंने वहां व्यापक जनसंपर्क अभियानों का सफल नेतृत्व करते हुए पांच हजार से अधिक महिलाओं और लड़कियों तक अपनी पहुंच बनायी है। इसके साथ ही, उन्होंने व्यावसायिक प्रशिक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं के सशक्तीकरण और संघर्ष के बाद उनके पुनर्वास को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग दिया। मेजर बराक ने विपरीत परिस्थितियों में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई नवाचार-आधारित उपाय भी शुरू किये हैं। इस वर्ष मेजर बराक के अतिरिक्त तीन अन्य अंतरराष्ट्रीय शांतिरक्षकों को भी उनकी अनुकरणीय सेवाओं के लिए सम्मानित किया जा रहा है। इनमें यूक्रेन के सर्गेई प्रिखोदको को मरणोपरांत प्रतिष्ठित ‘कैप्टन म्बाये डियान पदक’ से सम्मानित किया जाएगा। वहीं, उरुग्वे के सार्जेंट मातियास रेयेस को भी ‘कैप्टन म्बाये डियान पदक’ प्रदान किया जायेगा, जबकि जर्मनी की इंस्पेक्टर स्टेफनी कोनिग्स को सर्वश्रेष्ठ महिला पुलिस अधिकारी के पुरस्कार से विभूषित किया जायेगा।
