नयी दिल्ली, 29 मई (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम ने वित्तीय नवाचार और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जिसके अंतर्गत सूचना साझा करना, नियामकीय समन्वय तथा क्यूआर कोड आधारित सीमा-पार व्यापारी भुगतान के लिए दोनों देशों की भुगतान प्रणालियों के बीच समन्यव-सूत्र विकसित करना शामिल है।
वित्त मंत्रालय की शुक्रवार को जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार गत 05 मई को हुए इस समझौते से वित्तीय नवाचार और डिजिटल भुगतान में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे सीमा-पार भुगतान प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा भारत को एक प्रमुख वैश्विक फिनटेक केंद्र के रूप में स्थापित करने में सहायता मिलेगी। यह समझौता मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद किया गया है। इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के लागू कानूनों, नियमों और विनियमों के तहत सहयोग, सूचना आदान-प्रदान और कार्यान्वयन सहायता के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करना है।
समझौते के तहत दोनों संस्थान उभरते बाजार रुझानों , डिजिटल भुगतान एवं नवाचार तकनीकों के मानकों और सर्वोत्तम प्रथाओं, नवाचार से संबंधित नियामकीय ढांचे तथा वित्तीय सेवाओं में डिजिटल भुगतान के विकास और निगरानी जैसे विषयों पर सहयोग करेंगे। इसमें भारत और वियतनाम के बीच क्यूआर कोड आधारित व्यापारी भुगतान हेतु भुगतान प्रणालीगत सम्पर्क शामिल है।
इससे दोनों देशों के बीच सीमा-पार लेनदेन को अधिक कुशल, पारदर्शी (शुल्क की अग्रिम जानकारी के साथ), सुविधाजनक, रियल-टाइम और कम लागत वाला बनाने में मदद मिलेगी साथ ही, यह दोनों देशों के बीच व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा देकर भारतीय व्यवसायों के लिए निर्यात के अधिक अवसर पैदा करेगा।
