भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देशभर में सामने आ रहे परीक्षा घोटालों, पेपर लीक, भर्ती अनियमितताओं और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ियों को लेकर केंद्र और भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह माफियाओं, बिचौलियों और भ्रष्ट कंपनियों के हवाले कर दिया गया है, जिससे लाखों विद्यार्थियों और उनके परिवारों के सपने टूट रहे हैं।
जीतू पटवारी ने नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2018 से लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और भर्ती घोटालों ने युवाओं के भविष्य की रक्षा करने वाली संस्थाओं की विफलता उजागर कर दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) अब विश्वसनीय परीक्षा संस्था के बजाय विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का प्रतीक बन गई है।
उन्होंने सीबीएसई परीक्षा परिणामों में कथित विसंगतियों पर भी सवाल उठाए। पटवारी ने कहा कि रिजल्ट में गड़बड़ियों के कारण कई विद्यार्थी और अभिभावक परेशान हैं तथा कॉलेज प्रवेश की पात्रता प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीएसई के ओएसएम सिस्टम का ठेका कोएम्प्ट नामक कंपनी को दिया गया, जो पहले तेलंगाना में ग्लोबरेना नाम से विवादों में रह चुकी है।
कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि उक्त कंपनी को ठेका देने की अनुमति किसने दी, क्या निविदा प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार किया गया और पहले से विवादों में रहने के बावजूद कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच क्यों नहीं की गई।
पटवारी ने मध्यप्रदेश नर्सिंग घोटाले को राजनीतिक संरक्षण में चल रहे “शिक्षा माफिया” का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बुनियादी ढांचे, प्रयोगशालाओं, अस्पतालों और शिक्षकों के अभाव वाले सैकड़ों नर्सिंग कॉलेजों को करोड़ों रुपये के संगठित भ्रष्टाचार के जरिए मान्यता दी गई।
उन्होंने व्यापमं और एमपीईएसबी भर्ती विवादों का भी उल्लेख करते हुए विशेष रूप से वर्ष 2023 की ग्रुप-2, सब ग्रुप-4 और पटवारी भर्ती परीक्षा में रिश्वतखोरी और संदिग्ध चयन के आरोपों का हवाला दिया। जीतू पटवारी ने नीट, सीबीएसई, नर्सिंग और एमपीईएसबी सहित सभी प्रमुख शिक्षा और भर्ती घोटालों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
