कुवैत सिटी, 28 मई (वार्ता) कुवैत की सेना ने गुरुवार को घोषणा की कि उसके हवाई रक्षा तंत्र देश के हवाई क्षेत्र को निशाना बनाकर किए गए दुश्मन के मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम करने में जुटे हैं। सेना ने हालांकि यह बताने से परहेज किया कि ये हमले कहां से किए जा रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) द्वारा ईरान के ठिकानों पर नए हमलों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य के पास पहले से ही बढ़े तनाव के बीच कुवैत पर यह हमला हुआ है। कुवैती सेना के जनरल स्टाफ ने एक बयान में कहा कि उसका हवाई रक्षा तंत्र कुवैत के हवाई क्षेत्र में घुसने की कोशिश कर रहे दुश्मन की मिसाइलों और मानव रहित हवाई वाहनों के हमलों का जवाब दे रहा था।
बयान में कहा गया कि देश भर में सुनी गई विस्फोटों की आवाजें इन हमलों को हवा में ही नष्ट करने के कारण हुईं। ‘गल्फ न्यूज’ की रिपोर्ट के अनुसार, कुवैती अधिकारियों द्वारा तत्काल किसी के हताहत होने या नुकसान की घोषणा नहीं की गई है। यह घटनाक्रम अमेरिकी सेना द्वारा गुरुवार तड़के होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर नए हमले करने के कुछ घंटे बाद सामने आया है, जिसमें एक ड्रोन प्रक्षेपण स्थल को नष्ट कर दिया गया और चार ईरानी हमलावर ड्रोन को मार गिराया गया।
अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान के चार ‘वन-वे’ हमलावर ड्रोन को मार गिराया और ईरान के दक्षिणी तट पर एक रणनीतिक बंदरगाह शहर बंदर अब्बास में एक ईरानी ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन पर हमला किया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी सेना और वाणिज्यिक जहाजों को खतरा पैदा करने वाले पांचवें ड्रोन को लॉन्च करने की तैयारी कर रहा था।
एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा, “ये कार्रवाइयां नपी-तुली, पूरी तरह से रक्षात्मक और संघर्षविराम को बनाए रखने के उद्देश्य से की गई थीं।” ईरान ने अमेरिकी हमले की पुष्टि की और कहा कि उसके इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उस अमेरिकी हवाई अड्डे को निशाना बनाया, जहां से हमले किये गये थे। ईरान ने हालांकि इस सैन्य अड्डे के स्थान या पहचान का खुलासा नहीं किया। रिपोर्टों के अनुसार, इस क्षेत्र में 17 अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं। पश्चिम एशिया में यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब ईरान और अमेरिका एक समझौते के लिए बातचीत कर रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जोर देकर कहा कि कोई भी एक देश महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य जलमार्ग को नियंत्रित नहीं करेगा। गौरतलब है कि शांति वार्ता में होर्मुज एक प्रमुख गतिरोध बना हुआ है। इसके कुछ घंटे बाद ही, अमेरिकी सेना ने भी एक ईरानी सैन्य ठिकाने पर हवाई हमले किए, जबकि लगभग तीन महीने पहले शुरू हुए इस युद्ध का समाधान अभी तय होना बाकी है।

