वॉशिंगटन, 27 मई (वार्ता) अमेरिकी सेना ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों और वहां की हुकूमत से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाकर की गयी उसकी नौसैनिक नाकेबंदी के कारण अब तक 108 वाणिज्यिक जहाजों के रास्ते बदले जा चुके हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने ताजा जानकारी देते हुए बताया कि यह नाकेबंदी अब भी प्रभावी है, भले ही अमेरिका-ईरान के बीच राजनयिक कोशिशें जारी हैं। यह समुद्री अभियान श्री ट्रंप की ईरान के साथ युद्धविराम की घोषणा करने के एक हफ्ते से भी कम समय के भीतर शुरू किया गया था, हालांकि इसके बाद से दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं।
ईरान ने अमेरिकी नौसैनिक अभियान की लगातार निंदा करते हुए इसे अवैध और युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। इसके जवाब में ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा परिवहन मार्गों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आस-पास के इलाकों में अपनी तरफ से कई पाबंदियां लगा दी हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से ही ईरान इस बात पर अड़ा है कि इस जलडमरूमध्य की तरफ बढ़ने वाले सभी वाणिज्यिक जहाजों को पहले ही ईरानी सैन्य अधिकारियों से मंजूरी लेनी होगी।
ईरानी अधिकारियों का दावा है कि हाल के दिनों में दर्जनों जहाजों ने आईआरजीसी के साथ तालमेल बिठाकर वहां से रास्ता तय किया है, हालांकि इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना मुश्किल साबित हो रहा है, क्योंकि इस इलाके में काम करने वाले कई जहाजों का ट्रैकिंग डेटा सीमित या छिपा हुआ है। ईरानी अधिकारियों ने जहाजों की आवाजाही पर टोल वसूलने के आरोपों से साफ इनकार किया है। ईरान का कहना है कि वह पड़ोसी देश ओमान के साथ मिलकर इस जलडमरूमध्य में शिपिंग, पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा की निगरानी के लिए एक नया मैरीटाइम कोऑर्डिनेशन सिस्टम तैयार करने पर काम कर रहा है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस प्रस्तावित व्यवस्था के तहत इस मार्ग का उपयोग करने वाले जहाजों को परिचालन लागत देनी होगी, जिसका अमेरिका ने कड़ा विरोध किया है।

