नर्मदापुरम: जिले में लोन वसूली को लेकर सख्त रुख अपनाया गया है. अब बैंक और फाइनेंस कंपनियों के रिकवरी एजेंट जबरन वाहन नहीं छीन सकेंगे. सड़क पर रोककर चाबी छीनने, अभद्रता करने या बिना कानूनी प्रक्रिया के वाहन जब्त करने पर सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी. एसपी साई कृष्ण एस थोटा ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों में आरबीआई के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लूट सहित गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया जाए.
पुलिस के अनुसार जिले में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि रिकवरी एजेंट ईएमआई बकाया होने पर मनमानी कर रहे हैं. बिना नोटिस और न्यायालय के आदेश के दोपहिया और चारपहिया वाहन जब्त किए जा रहे थे. इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं और सभी कंपनियों को स्पष्ट कर दिया है कि ऋण वसूली केवल भारतीय रिजर्व बैंक
के दिशा-निर्देशों के तहत ही की जाए.
एसपी ने कहा कि लोन वसूली के नाम पर किसी भी नागरिक के साथ मारपीट, धमकी या जबरन वाहन छीनना पूरी तरह गैरकानूनी है. यदि कोई एजेंट ऐसा करता है, तो उसके खिलाफ लूट, जबरन वसूली और अड़ीबाजी जैसी धाराओं में मामला दर्ज होगा. साथ ही रिकवरी एजेंट के पास पहचान पत्र होना भी अनिवार्य किया गया है. पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई एजेंट जबरदस्ती करता है तो तुरंत डायल 112 पर कॉल करें या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके.
