नैनीताल, 31 अगस्त (वार्ता) उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल हादसे की तरह ही पिथौरागढ़ के ऐलागाड़ में भी शनिवार को ऐसी ही घटना सामने आयी।
राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनएचपीसी) के धौलीगंगा पावर स्टेशन की सुरंग में शनिवार को यकायक भूस्खलन हो गया और 24 घंटे से 19 कार्मिक फंस गये।
आज रविवार को एनएचपीसी, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और सीआईएसएफ एवं अन्य बचाव दलों की ओर से संयुक्त कार्रवाई कर सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया। देर शाम को पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की ओर से सभी को बाहर निकालने का दावा किया गया।
बता दें कि पिथौरागढ़ के धारचूला तहसील के उच्च हिमालयी क्षेत्र ऐलागाड़ में एनएचपीसी का धौलीगंगा बांध के साथ ही धौलीगंगा पावर स्टेशन मौजूद है। बताया जा रहा है कि शनिवार को पावर स्टेशन पर यकायक भूस्खलन हो गया। जिससे स्टेशन की मुख्य सुरंग (मेन टनल) के साथ ही आपातकालीन (इमरजेंसी टनल) सुरंग पर प्रभावित हो गयी और उससे आवाजाही बंद हो गयी।
बताया जा रहा है कि इस हादसे में आपातकालीन सुरंग को काफी नुकसान पहुंचा है। इस दौरान सुरंग में 19 कार्मिक और श्रमिक काम कर रहे थे। सभी फंस गये। आज दोपहर तक कड़ी मशक्कत के बाद बमुश्किल 08 कार्मिकों को बाहर निकालने में सफलता हाथ लगी।
इसके बावजूद 11 कार्मिक सुरंग में फंसे रहे। एनएचपीसी, एनडीआरएफ और सीआईएसएफ की ओर से देर शाम तक बमुश्किल सभी फंसे हुए 11 कार्मिकों को बाहर निकाला गया।
आज जिन कार्मिकों को सुरंग से बाहर निकाला गया उनमें चंदर सोनल, शंकर सिंह, पूरन बिष्ट, नवीन कुमार, प्रेम दुग्ताल, धनराज बहादुर, गगन सिंह धामी, ललित मोहन बिष्ट, सूरज गुररानी, बिष्णु गुप्ता, जितेन्द्र सोनल, प्रकाश दुग्ताल, कमलेश धामी, सुनील धामी, जी आंगस्टीन बाबू, अपूर्वा राय, इंदर गुंजियाल और बिशन धामी शामिल हैं।
पता चला है कि सभी कर्मचारियों को जिला प्रशासन की ओर से उनके गंतव्य और घरों तक पहुंचाया गया है।
यहां यह भी बता दें कि पिथौरागढ़ जिला प्रशासन इस मामले में आज दिनभर पर्दा डालता रहा। जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने इस मामले में आज दिन भर दूरी बनाये रखी जबकि धारचूला के उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने संपर्क करने पर बताया कि इस घटना में कोई भी कार्मिक प्रभावित नहीं हुआ है।
