चंडीगढ़, 26 मई (वार्ता) केन्द्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में जनता दरबार के दौरान कैब संगठन के पदाधिकारियों ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर अपनी समस्याओं को लेकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और प्रशासन की पूर्व में जारी अधिसूचनाओं को अब तक लागू न किये जाने पर नाराजगी जतायी।
कैब संगठन के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रशासन की ओर से जारी किये गये दोनों अधिसूचनाओं को अभी तक अमली जामा नहीं पहनाया गया है, जिसके कारण कैब चालकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इन आदेशों को जल्द प्रभावी ढंग से लागू किया जाये।
बढ़ती सीएनजी कीमतों से बढ़ा बोझ संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि लगातार बढ़ रहे सीएनजी के दामों ने कैब चालकों की आर्थिक स्थिति को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि रोजाना बढ़ते खर्चों के कारण ड्राइवरों के लिए काम करना मुश्किल होता जा रहा है। इसके साथ ही संगठन ने सभी कैब चालकों के लिए इंश्योरेंस अनिवार्य किये जाने की मांग भी उठायी, ताकि दुर्घटना की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
ऐप कंपनियों पर मनमानी के आरोप कैब संगठन ने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा पहले तीन किलोमीटर तक 90 रुपये और उसके बाद 25 रुपये प्रति किलोमीटर किराया तय किया गया था, लेकिन कई कैब ऐप कंपनियां इन नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। संगठन का कहना है कि एजेंसियां अपनी मनमानी कर यात्रियों और ड्राइवरों दोनों को नुकसान पहुंचा रही हैं।
इस संबंध में संगठन की ओर से प्रशासन को लिखित शिकायत भी सौंपी गयीं। कैब चालकों ने मांग की कि तय नियमों को सख्ती से लागू करवाया जाये, ताकि ड्राइवरों और यात्रियों को राहत मिल सके।
