जल स्रोतों के संरक्षण में जनभागीदारी सबसे बड़ी ताकत

भोपाल। राजधानी भोपाल में गंगा दशहरा के अवसर पर जलगंगा संवर्धन अभियान का आयोजन किया गया. यह आयोजन शाहपुरा स्थित झील में हुआ. जिसमें भोपाल के प्रभारी मंत्री एवं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री चैतन्य कुमार कश्यप ने भाग लिया . उन्होंने श्रमदान करते हुए जल संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन का संदेश दिया. उन्होंने कहा कि जल स्रोतों का संरक्षण केवल शासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक भागीदारी से ही यह अभियान सफल हो सकता है. कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों ने शाहपुरा झील से कचरा एवं गाद निकालकर उसके उचित निष्पादन में सहयोग किया. साथ ही पर्यावरण परिसर में आम, बादाम, करंज और पीपल सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया. इस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री काश्यप ने महापौर मालती राय, विधायक भगवानदास सबनानी, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, निगम आयुक्त संस्कृति जैन तथा अन्य जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं नागरिकों के साथ शाहपुरा झील की साफ-सफाई हेतु श्रमदान किया. इस दौरान पर्यावरण परिसर (एप्को) में वृक्षारोपण भी किया गया.

अमृत 2.0 से बेहतर बनेगा शहर

प्रभारी मंत्री कश्यप ने कहा कि केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत शहर में जलप्रदाय, सीवेज प्रबंधन एवं स्वच्छता से जुड़े अनेक कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे भोपाल को स्वच्छ, सुंदर और पर्यावरणीय दृष्टि से बेहतर शहर बनाने में सहायता मिल रही है.

स्वच्छता और सौंदर्यीकरण पर निरंतर कार्य

महापौर मालती राय ने कहा कि नगर निगम शहर के जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रहा है. उन्होंने जलगंगा संवर्धन अभियान में सहभागिता के लिए प्रभारी मंत्री कश्यप सहित सभी जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया.

 

 

Next Post

उजड़ रहा है भोपाल का मोर वन जहां कभी गूंजती थी मोरों की आवाज, वहां अब पसरा है सन्नाटा

Tue May 26 , 2026
आशीष कुर्ल भोपाल। बढ़ती गर्मी और लू का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि जंगलों, वन्यजीवों और शहरी जैव विविधता पर भी इसका गंभीर प्रभाव दिखाई देने लगा है। राजधानी भोपाल के बीचों बीच स्थित मोर वन, जिसे कभी नए भोपाल का “ऑक्सीजन प्लांट” कहा जाता […]

You May Like