भोपाल: बहुचर्चित मामले की जांच में पुलिस को मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की फरारी से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार घटना के बाद समर्थ सिंह करीब 10 दिनों तक जबलपुर में अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रहा। इस दौरान उसने पुलिस की निगरानी से बचने के लिए अपना मोबाइल फोन बंद रखा और लगातार ठिकाने बदलता रहा, ताकि उसकी लोकेशन ट्रेस न हो सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने शहर के विभिन्न इलाकों में रुककर अपनी गतिविधियों को गोपनीय बनाए रखने की कोशिश की। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि उसने फरारी के दौरान कुछ परिचितों और संभावित मददगारों से संपर्क किया था। अब पुलिस उन सभी लोगों की पहचान और भूमिका की जांच कर रही है, जिन्होंने आरोपी को शरण, संसाधन या अन्य प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई हो सकती है।
जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की गतिविधियों का पूरा नेटवर्क खंगाल रही हैं। पुलिस का मानना है कि फरारी के दौरान आरोपी को स्थानीय स्तर पर सहयोग मिला हो सकता है। इसी कड़ी में कई लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।सूत्रों के मुताबिक, जांच का दायरा अब केवल मुख्य आरोपी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उन सभी व्यक्तियों तक बढ़ाया जा रहा है जो घटना के बाद उसकी मदद करने या उसे बचाने की कोशिश में शामिल हो सकते हैं।
