इंदौर:चर्चित हनी ट्रैप-2 मामले में जांच के दौरान एक बड़ा एंगल सामने आया है. डिजिटल साक्ष्यों और मोबाइल डाटा की जांच के बीच छत्तीसगढ़ के एक आला अधिकारी का नाम चर्चा में आने से मामला और संवेदनशील हो गया है. हालांकि इस संबंध में अभी तक किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.सूत्रों के मुताबिक आरोपियों के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से मिले डेटा में कुछ और हाईप्रोफाइल संपर्कों के संकेत मिले हैं. जिसके तहत छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी तक कनेक्शन जुड़ने की बात सामने आ रही है, जिसे लेकर जांच एजेंसियां बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रही हैं.
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि पूरा मामला फिलहाल फॉरेंसिक और तकनीकी सत्यापन के चरण में है. किसी भी नाम या भूमिका को अंतिम रूप से तभी माना जाएगा जब डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि पूरी हो जाएगी. एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि यह नेटवर्क किन-किन जगहों पर सक्रिय था और किस स्तर तक इसकी पहुंच रही है. मामले में डीसीपी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि फिलहाल हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है. आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है. चूकिं मामले में जांच चल रही हैं, इसलिए इससे ज्यादा कुछ नहीं बताया जा सकता है.
