इंदौर: देश की आजादी के बाद 1947 में ही समान नागरिकता संहिता बिल लागू कर देना चाहिए था हम काफी लेट हो चुके हैं और अब यह सब कानाफुसी बंद हो जाना चाहिए और तुरंत यूसीसी लागू कर देना चाहिए, सुझाव देते हुए लोगों ने कहा कि देश हित में ये निर्णय जल्द लिया जाए तो सभी को इसका लाभ मिलेगा. इस कार्यक्रम में लिव इन रिलेशनशिप और लव जिहाद का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा और इसका विरोध दर्ज किया गया.
शनिवार को कालिदास अकादमी के पंडित सूर्यनारायण व्यास संकुल में सभी जाति वर्ग धर्म के लोगों द्वारा एक स्वर यूसीसी का समर्थन किया गया. यूसीसी बिल को ऐतिहासिक बताया. दरअसल, भोपाल से यूसीसी के संबंध में गठित की गई कमेटी के उच्च अधिकारी पहुंचे थे. बैठक में लव जिहाद, लिव-इन रिलेशनशिप, महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों तथा पारिवारिक विवादों जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई. कार्यक्रम के अंत में नागरिकों से अपील की गई कि वे अपने सुझाव यूसीसी पोर्टल पर भेजकर इस प्रक्रिया में भागीदारी करें.
केंद्र को जाएगी रिपोर्ट
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें भोपाल से आई यूसीसी अध्ययन समिति की टीम ने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ चर्चा कर सुझाव लिए. कालिदास अकादमी स्थित पंडित सूर्यनारायण व्यास संकुल में आयोजित इस बैठक में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे. एमपी सरकार के माध्यम से सुझाव की पूरी रिपोर्ट दिल्ली जाएगी.
कलेक्टर ने स्थानीय स्तर पर की व्यवस्था
उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न धर्मों के लोगों को आमंत्रित किया था. कार्यक्रम में उज्जैन उत्तर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, राज्यसभा सांसद बाल योगी उमेश नाथ महाराज महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापति कलावती यादव, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित समाजसेवी, मुस्लिम वर्ग के प्रतिनिधि और विभिन्न समाजों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए.
देश हित में है यूसीसी
इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि समान नागरिक संहिता देश में समान अधिकार और समान न्याय की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी. कई लोगों ने कहा कि यह व्यवस्था देश की आजादी के बाद ही लागू हो जानी चाहिए थी, लेकिन अब इसे शीघ्र लागू कर सामाजिक भेदभाव, जातिगत असमानता और महिलाओं के साथ होने वाले अन्याय को समाप्त किया जा सकता है. वक्ताओं ने कहा कि यूसीसी लागू होने से महिलाओं और बच्चों के अधिकार मजबूत होंगे तथा पुरानी भेदभावपूर्ण परंपराओं पर रोक लगेगी.
शहरकाजी भी पहुंचे
मुस्लिम समाज की ओर से शहर काजी खलीकुर रहमान भी उपस्थित रहे. उन्होंने और उनके साथ आए मुस्लिम समाज के लोगों ने यूसीसी का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार द्वारा बनाई जा रही व्यवस्था और प्रावधानों की पूरी जानकारी समाज तक पहुंचाई जाए. इस पर भोपाल से आए अधिकारियों ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बनाई गई वेबसाइट पर सभी जानकारी उपलब्ध है और नागरिक अपने सुझाव भी वहां दर्ज करा सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने लांच की थी वेबसाइट
नवभारत से चर्चा में कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन द्वारा यूसीसी को लेकर विशेष पोर्टल भी शुरू किया गया है, जहां आम नागरिक अपने सुझाव दे सकते हैं. उन्होंने बताया कि बैठक में प्राप्त सुझावों की रिपोर्ट मध्यप्रदेश सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजी जाएगी.
आर्टिकल 44 में उल्लेख
विशेषज्ञों ने बताया कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में समान नागरिक संहिता का उल्लेख पहले से किया गया है. इसका उद्देश्य देश के सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे विषयों पर समान कानून लागू करना है, ताकि धर्म के आधार पर अलग-अलग कानूनी व्यवस्थाओं के बजाय समान न्याय सुनिश्चित हो सके. समर्थकों का मानना है कि इससे महिलाओं को अधिक अधिकार, पारदर्शिता और सामाजिक समानता मिलेगी
