न्यूयॉर्क, 23 मई (वार्ता) परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने के मकसद से बनायी गयी वैश्विक संधि की समीक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र का चार सप्ताह का सम्मेलन बिना किसी आम सहमति के समाप्त हो गया। परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) के 191 सदस्य देशों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन में ईरान की परमाणु गतिविधियों से जुड़ी भाषा पर पैदा हुए विवाद के बाद एक बेहद सामान्य या कमजोर अंतिम दस्तावेज को भी मंजूरी नहीं दी जा सकी। संयुक्त राष्ट्र में वियतनाम के राजदूत और सम्मेलन के अध्यक्ष दो हुंग वियत ने बैठक के समापन पर आम सहमति न बन पाने का एलान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, “किसी ने भी सहमति को जानबूझकर नहीं रोका”, लेकिन उन्होंने इसके पीछे मुख्य अड़चन मसौदा दस्तावेज के उस प्रावधान को बताया, जिसमें कहा गया था कि ईरान ‘कभी परमाणु हथियार हासिल करने, बनाने या विकसित करने की कोशिश नहीं कर सकता’। बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और परमाणु प्रसार व रणनीतिक स्थिरता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, यह नाकामी एनपीटी समीक्षा प्रक्रिया के लिए एक और बड़ा झटका है।
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मायूसी जतायी और कहा कि 11वां समीक्षा सम्मेलन किसी ठोस और अंतिम निर्णय पर पहुंचने में नाकाम रहा।
महासचिव के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में श्री गुटेरेस ने कहा कि इस सम्मेलन ने अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने का बेहद अहम मौका गंवा दिया है। प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक बयान में कहा, “महासचिव ने एनपीटी के ग्यारहवें समीक्षा सम्मेलन में किसी ठोस नतीजे पर आम सहमति न बन पाने और दुनिया को सुरक्षित बनाने के बेहद अहम मौके को गंवा दिए जाने पर गहरी मायूसी जतायी है।”
एनपीटी एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसका मकसद परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकना, परमाणु निरस्त्रीकरण को बढ़ावा देना और परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का समर्थन करना है। श्री दुजारिक ने बताया कि श्री गुटेरेस ने ‘सदस्य देशों की ईमानदार और सार्थक भागीदारी का स्वागत किया है’, लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि यह समीक्षा सम्मेलन ‘नतीजों के लिहाज से अधूरा रह गया’, खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के सामने कई गंभीर चुनौतियां खड़ी हैं। बयान में कहा गया है, “मौजूदा अंतरराष्ट्रीय माहौल गहरे तनाव और परमाणु हथियारों से पैदा हुए बढ़ते खतरों से घिरा हुआ है, जिसके लिए तुरंत कड़े कदम उठाये जाने की जरूरत है।”
बयान के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने सभी देशों से अपील की है कि वे तनाव को कम करने, परमाणु खतरों को टालने और आखिरकार परमाणु खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिए बातचीत, कूटनीति और आपसी समझौते के सभी उपलब्ध रास्तों का भरपूर इस्तेमाल करें। बयान में दोहराया गया है, कि “परमाणु हथियारों से मुक्त दुनिया बनाना संयुक्त राष्ट्र की निरस्त्रीकरण सूची में सबसे ऊपर है।” इसके साथ ही एनपीटी को ‘वैश्विक परमाणु निरस्त्रीकरण और अप्रसार व्यवस्था की बुनियाद’ बताया गया है। महासचिव ने 11वें समीक्षा सम्मेलन के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत दो हुंग वियत के अथक प्रयासों और उनके समर्पित नेतृत्व की दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि राजदूत ने इस संधि को मजबूत करने और इसके लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए एक ठोस नतीजा हासिल करने की पुरजोर कोशिश की।

