जबलपुर: शहर में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक बनाने की दिशा में इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम की चर्चा बढ़ चढ़ कर हो रही थी, लेकिन फिलहाल शहर की बस सेवाओं में यह व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। सूत्रो से मिली जानकारी के अनुसार आगामी जुलाई–अगस्त में इस योजना को लेकर आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। जेसीटीएसएल के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार शहर की बसों में कुछ तकनीकी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। बसों में जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम की सुविधा दी गई है और पैनिक बटन भी लगाए गए हैं, हालांकि अभी उनका इंटीग्रेशन नहीं किया गया है। वहीं कुछ बसों में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। शहर में कुल 50 बसें उपलब्ध हैं, जिनमें से करीब 40–45 बसें ऑन रोड संचालित हो रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर रोज़ उठाए जा रहे सवाल
यात्रियों का कहना है कि सभी बसों में सीसीटीवी नहीं होने से विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है। लोगों का मानना है कि यदि सभी बसों में निगरानी व्यवस्था और स्मार्ट फीचर्स लागू हों तो यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकती है।
बस स्टॉप पर सुविधाएं, लेकिन सफाई नहीं
शुक्रवार को नवभारत द्वारा की गई पड़ताल में सामने आया कि बस स्टॉप की स्थिति को लेकर यात्रियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ स्टॉप्स पर बैठने और शेड की व्यवस्था ठीक बताई गई, लेकिन कई जगहों पर सफाई की समस्या सामने आई। यात्रियों ने बताया कि बस कब आएगी और कब जाएगी इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती, जिससे लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और असुविधा होती है।बदल सकती है शहर की बस सेवा
यदि आने वाले समय में आइटीएस लागू होता है तो यात्रियों को बसों की लाइव जानकारी, बेहतर मॉनिटरिंग, सुरक्षा सुविधाएं और समयबद्ध संचालन जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। फिलहाल शहर की बस सेवा में कुछ तकनीकी सुविधाएं मौजूद हैं, लेकिन यात्रियों को पूर्ण स्मार्ट ट्रांसपोर्ट अनुभव के लिए अभी इंतजार करना पड़ सकता है।
