गौरिहार/छतरपुर: जिला मुख्यालय से सुदूर गौरिहार जनपद के सरवई क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं और स्वच्छता को लेकर पंचायत प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहाँ के स्थानीय तहसीली नल के आसपास लंबे समय से भारी गंदगी और कीचड़ फैला हुआ है, जिससे ग्रामीण बेहद दूषित माहौल में पेयजल भरने को मजबूर हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इसी एकमात्र नल से सरवई के आधे गांव के लोग और स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती होने वाले मरीजों के परिजन पीने का पानी ले जाते हैं।
कई शिकायतों के बाद भी बेखबर हैं सरपंच
परेशान ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से आक्रोश व्यक्त करते हुए स्थानीय सरपंच और पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नल के आसपास जलभराव और दलदल की स्थिति को लेकर कई बार पंचायत स्तर पर शिकायतें की गईं और लिखित में भी अवगत कराया गया। इसके बावजूद सरपंच द्वारा समस्या के समाधान को लेकर अब तक कोई रुचि नहीं दिखाई गई है। पानी भरने आने वाली महिलाओं और बच्चों को कीचड़ में से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे कई बार लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं और पानी में संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
प्रशासन से चबूतरा निर्माण और स्थायी सफाई की मांग
ग्रामीणों ने अब जिला प्रशासन और जनपद पंचायत गौरिहार के वरिष्ठ अधिकारियों से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। लोगों ने मांग की है कि जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए तहसीली नल के आसपास की गंदगी को तुरंत साफ कराया जाए और वहां पानी की निकासी के लिए पक्का चबूतरा व नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों और अस्पताल के मरीजों को शुद्ध व स्वच्छ पेयजल मिल सके
