वाशिंगटन, 22 मई (वार्ता) ईरान एवं अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण अमेरिका ने ताइवान को बेचे जाने वाले 14 अरब डॉलर के हथियारों के सौदे पर फिलहाल रोक लगा दी है।
ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन (बीबीसी) के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक सचिव हंग काओ ने सीनेट की सुनवाई के दौरान इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया है, ताकि ईरान युद्ध के लिए अमेरिका के पास पर्याप्त गोला-बारूद सुरक्षित रहे।
श्री काओ ने स्पष्ट किया कि जैसे ही प्रशासन को सही लगेगा, विदेशी सैन्य बिक्री की इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। कार्यवाहक सचिव ने हालांकि, यह भी माना कि इस संबंध में उन्होंने अभी तक ताइवान के अधिकारियों से कोई बातचीत नहीं की है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ ही दिनों पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच मुलाकात हुई थी। इस बैठक के बाद श्री ट्रंप ने ताइवान को हथियारों की बिक्री पर कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं दिखाई थी।
महीनों से राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार कर रहे इस भारी-भरकम सुरक्षा पैकेज में लॉकहीड मार्टिन के पीएसी-3 एयर डिफेंस मिसाइल और सतह से हवा में मार करने वाली आधुनिक मिसाइल प्रणालियां शामिल हैं।
दूसरी ओर, इस बड़े फैसले से ताइवान पूरी तरह अनजान नजर आ रहा है। ताइवान के राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने साफ किया है कि उन्हें अमेरिका की तरफ से हथियारों की इस डील में किसी भी तरह के बदलाव या रोक की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है।
चीन हमेशा से स्वशासित ताइवान को अपना हिस्सा मानता आया है और अमेरिकी हथियारों की आपूर्ति पर कड़ी आपत्ति जताता रहा है। ऐसे में अमेरिका का यह कदम वैश्विक राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।
