भोपाल। राजधानी भोपाल में गर्मी के मौसम में यातायात व्यवस्था में एक अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिल रहा है। आमतौर पर सुबह के समय कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की ओर जाने वाले वाहनों की भीड़ से जूझती राजधानी की सड़कें, इन दिनों शाम के समय भारी दबाव का सामना कर रही हैं। यह बदलाव यातायात पुलिस के लिए भी चुनौती पेश कर रहा है। पहले, राजधानी में सुबह 9 बजे से 11 बजे के बीच मुख्य मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें आम बात थी। स्कूल बसों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की आवाजाही के कारण सड़कों पर चलना मुश्किल हो जाता था। लेकिन इस गर्मी के मौसम में, तस्वीर कुछ बदली हुई नजर आ रही है। सुबह के समय सड़कों पर अपेक्षाकृत कम भीड़ दिखाई दे रही है, जबकि शाम 5 बजे के बाद प्रमुख चौराहों और मार्गों पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ रहा है।
स्कूल और कॉलेजों में गर्मी की छुट्टियां होने के कारण भी सुबह के समय सड़कों पर छात्रों और अभिभावकों की आवाजाही कम हो गई है। इसके विपरीत, शाम के समय तापमान में थोड़ी गिरावट आने के बाद लोग घरों से बाहर निकलना पसंद कर रहे हैं। परिवार और दोस्त शाम के समय घूमने-फिरने, के लिए निकल रहे हैं। बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में शाम के समय लोगों की भीड़ बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर सड़कों पर यातायात के दबाव के रूप में दिखाई देता है।
गर्मी के मौसम में यातयात पर भीड़ सुबह या दोपहर में ना हो कर शाम के समय अधिक बढ़ जाती है, जिससे शाम के समय ट्रैफिक जाम जैसी स्तिथि उत्पन्न हो जाती है, इस लिए शाम के समय यातायात को सुचारु रूप से चलाने के लिए यातायात कर्मियों की टुकड़ी शहर के अलग-अलग हिस्सों में तैनात की जाती है, होशंगाबाद रोड, कोलार रोड, सिटी ( पुराने भोपाल) जैसे इलाकों में यातयात पुलिसकर्मियों की संख्या ज्यादा होती है जिससे जाम जैसे स्थिति उत्पन्न न हो सके
संजय सिंह, यातयात डीसीपी, भोपाल
