लंदन | इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने एक बड़ा फैसला लेते हुए 2005 की ऐतिहासिक एशेज सीरीज के मास्टरमाइंड ट्रॉय कूली को दोबारा अपने कोचिंग सेटअप में शामिल किया है। 60 वर्षीय कूली को इंग्लैंड टीम का नया ‘पेस-बॉलिंग लीड कोच’ नियुक्त किया गया है। दो दशक पहले इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को धार देने वाले कूली अब पूरे मेंस क्रिकेट ढांचे, जिसमें सीनियर टीम के साथ-साथ ‘यंग लायंस’ और ‘इंग्लैंड लायंस’ भी शामिल हैं, के तेज गेंदबाजों को तराशने की जिम्मेदारी संभालेंगे। उनकी वापसी को इंग्लैंड की गेंदबाजी यूनिट को पुनर्जीवित करने के बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इंग्लैंड से जाने के बाद ट्रॉय कूली ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के साथ लंबे समय तक काम किया और कई विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज तैयार किए। इसके बाद साल 2021 में वह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) से जुड़े। भारत में रहते हुए उन्होंने वीवीएस लक्ष्मण के मार्गदर्शन में युवा भारतीय गेंदबाजों की तकनीक और फिटनेस पर बेहतरीन काम किया। कूली ने नई जिम्मेदारी संभालने से पहले बीसीसीआई और भारतीय टीम का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि भारत में काम करने का अनुभव उनके लिए बेहद सुखद रहा और अब वह इंग्लैंड के टैलेंट के साथ नई चुनौतियों के लिए तैयार हैं।
ईसीबी के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने कूली की नियुक्ति पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कोचों में से एक बताया है। बोर्ड का मानना है कि कूली का अनुभव इंग्लैंड की तेज गेंदबाजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिर से शीर्ष पर ले जाने में मदद करेगा। कूली का मुख्य लक्ष्य गेंदबाजों की तकनीक में सुधार करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना होगा, ताकि वे हर परिस्थिति में सटीक गेंदबाजी कर सकें। क्रिकेट जगत की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कूली 20 साल पहले वाला जादू दोबारा दोहरा पाएंगे और इंग्लैंड को आगामी आईसीसी टूर्नामेंट्स में बड़ी सफलता दिलाएंगे।

