
रीवा। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय के सचिव पंकज अग्रवाल 23 एवं 24 मई को मध्यप्रदेश के दो दिवसीय महत्वपूर्ण दौरे पर रहेंगे. अपने इस प्रवास के दौरान वे राज्य में संचालित रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के अंतर्गत चल रही विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे. इसके साथ ही वे राज्य में विद्युत उत्पादन, वितरण व्यवस्था, स्मार्ट मीटरिंग तथा ऊर्जा क्षेत्र में चल रहे सुधारात्मक प्रयासों का भी विस्तृत अवलोकन करेंगे.
श्री अग्रवाल का यह दौरा राज्य के विद्युत क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि आरडीएसएस योजना के माध्यम से विद्युत वितरण तंत्र के आधुनिकीकरण, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों में कमी, उपभोक्ता सेवाओं में सुधार तथा वितरण कंपनियों की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाने की दिशा में व्यापक कार्य किए जा रहे हैं. समीक्षा बैठकों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर स्थापना, वितरण अवसंरचना उन्नयन, फीडर मॉनिटरिंग, लाइन लॉस नियंत्रण तथा उपभोक्ता सेवा सुधार से संबंधित कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा. दौरे के प्रथम दिन 23 मई को श्री अग्रवाल संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर का भ्रमण करेंगे. यहां वे मध्यप्रदेश में विद्युत उत्पादन की वर्तमान स्थिति, उत्पादन इकाइयों की कार्यक्षमता, कोयला उपलब्धता, ऊर्जा मांग की पूर्ति तथा भविष्य की उत्पादन योजनाओं की समीक्षा करेंगे. इस अवसर पर मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें ताप विद्युत उत्पादन की चुनौतियों एवं संभावनाओं पर चर्चा होगी.इसके पश्चात श्री अग्रवाल शहडोल वृत्त में आरडीएसएस परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करेंगे. यहां आयोजित बैठक में स्मार्ट मीटरिंग कार्यों, वितरण ट्रांसफार्मरों के उन्नयन, विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार तथा वितरण हानियों को कम करने हेतु किए जा रहे प्रयासों का विस्तृत परीक्षण किया जाएगा.
सतना में करेगे विद्युत योजनाओं की समीक्षा
24 मई को वे सतना वृत्त में आयोजित समीक्षा बैठक में शामिल होंगे, जहां विभिन्न परियोजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा. इन बैठकों में क्षेत्रीय मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे. रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी एवं बहुआयामी योजना है, जिसका उद्देश्य देशभर में विद्युत वितरण कंपनियों को वित्तीय रूप से सक्षम बनाना तथा वितरण तंत्र को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करना है. लगभग 3.03 लाख करोड़ की इस योजना के अंतर्गत स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग, वितरण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण, एटीएंडसी हानियों में कमी तथा आपूर्ति एवं राजस्व अंतर को समाप्त करने जैसे लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं. उल्लेखनीय है कि स्मार्ट मीटर स्थापना की ये विश्व मे सबसे बड़ी योजना है.
पंकज अग्रवाल ने किया कई तकनीकी नवाचार
मध्यप्रदेश के विद्युत क्षेत्र से श्री अग्रवाल का विशेष जुड़ाव भी रहा है. उन्होंने वर्ष 2004 से 2010 तक एम पी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर के अध्यक्ष तथा प्रबंध संचालक के रूप में लगभग छह वर्षों तक कार्य किया. उनके कार्यकाल को कंपनी के प्रशासनिक एवं तकनीकी सुधारों के लिए विशेष रूप से याद किया जाता है. उनके नेतृत्व में स्वचालित मीटर रीडिंग परियोजना प्रारंभ की गई, जिसके लिए कंपनी को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार प्राप्त हुआ. यह पहल उस समय विद्युत वितरण क्षेत्र में तकनीकी नवाचार का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी गई. श्री अग्रवाल के कार्यकाल में मीटर मॉनिटरिंग सेल की स्थापना भी की गई, जिसने विद्युत चोरी एवं अन्य अनियमितताओं पर नियंत्रण स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके अतिरिक्त उनके नेतृत्व में आर-एपीडीआरपी परियोजना को प्रभावी रूप से लागू किया गया, जिसके माध्यम से फीडर एवं बाउंड्री मीटरिंग, स्वचालित लाइन लॉस मूल्यांकन तथा वितरण तंत्र की निगरानी को नई दिशा मिली. विद्युत वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयास आज भी उल्लेखनीय माने जाते हैं.
आरडीएसएस योजना क्रियान्वयन को मिलेगी नई गति
आरडीएसएस योजना के क्रियान्वयन के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों को लेकर भी श्री अग्रवाल ने व्यवहारिक एवं परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण अपनाया है. स्मार्ट प्रीपेड मीटरिंग परियोजनाओं में निविदा प्रक्रियाओं में विलंब, परीक्षण एवं अनुमोदन संबंधी जटिलताओं तथा भुगतान व्यवस्थाओं से जुड़ी चुनौतियों को उन्होंने विभिन्न मंचों पर रेखांकित किया है. उन्होंने वितरण कंपनियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक सहयोग एवं समय प्रदान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया है. माना जा रहा है कि श्री अग्रवाल का यह दौरा राज्य में आरडीएसएस परियोजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति प्रदान करेगा तथा विद्युत वितरण एवं उत्पादन क्षेत्र में चल रहे सुधारात्मक प्रयासों को और अधिक मजबूती देगा. साथ ही यह दौरा राज्य की वितरण कंपनियों को तकनीकी उन्नयन, स्मार्ट मीटरिंग तथा वित्तीय सुधारों के क्षेत्र में आगे बढऩे के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करेगा. इस दौरे के दौरान उनके साथ भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय एवं पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे. समीक्षा बैठकों में मध्यप्रदेश शासन के ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, प्रबंध संचालक एमपीपावर जेनेरेटिंग कंपनी , प्रबंध संचालक एम पीपूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, जबलपुर, मुख्य अभियंता (रीवा क्षेत्र) तथा शहडोल एवं सतना क्षेत्रों के अधीक्षण यंत्री एवं कार्यपालन यंत्री भी भाग लेंगे.
