बांसवाड़ा, 21 मई (वार्ता) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि प्रदेश सरकार जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए भरसक प्रयास कर रही है और इसमें कहीं कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
श्री शर्मा बांसवाड़ा और डूंगरपुर जिले के तीन दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन गुरुवार को बांसवाड़ा जिला कलक्ट्रेट सभागार में जिलास्तरीय अधिकारियों की बैठक में विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों, अभियानों तथा नवाचारों की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति पर विस्तार से समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र जनों तक पहुंचाने के साथ ही पूरी संवेदनशीलता के साथ दायित्वों के निर्वहन और सुशासन के संकल्पों को साकार करने की दिशा में समर्पित भाव से जुटने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रवृत्तिवार एवं क्षेत्र वार अब तक प्राप्त उपलब्धियों की जानकारी ली तथा इनके क्रियान्वयन में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने नहरों एवं तालाबों की उपयुक्त साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि नहरों में जल वितरण तथा वर्षा काल से पूर्व जिले के जलाशयों की सफाई पर गंभीरता बरतें। उन्होंने माही की एक-एक बूंद के सदुपयोग का आह्वान करते हुए कहा कि माही का पानी व्यर्थ न जाए। सिंचाई जल के साथ पेयजल के लिए भी माकूल प्रबन्ध सुनिश्चित रहने चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान पर जोर देते हुए जल आत्मनिर्भरता को सर्वोपरि बताया और कहा कि स्थायी महत्त्व के कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रां में विकास कार्यों को पूरी गुणवत्ता के साथ तथा समय पर पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि जन-उपयोगी संसाधनों और सेवाओं का पूरा-पूरा लाभ ग्रामीणों तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे फील्ड विजिट पर अधिक ध्यान देते हुए अपनी यात्रा के दौरान सभी क्षेत्रां की जरूरतों के प्रति सतर्क रहें और जहां कहीं कोई समस्या सामने आए, स्वतः संज्ञान लेकर इनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी ग्राम्यांचलों में भ्रमण, पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण का कार्य पूरी गंभीरता के साथ करें। उन्होंने अवैध धर्मान्तरण करवाने वालों तथा राजनैतिक गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि वर्तमान सत्र के दौरान विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने की दिशा में योजनाबद्ध रूप से पूरी तैयारी के साथ काम किया जाए ताकि बच्चों का स्कूलों में प्रवेश और ठहराव सुनिश्चित हो सके। उन्होंने जिले में चन्दन वन विकसित किए जाने की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इनमें 11-11 हजार चन्दन के पौधे लगाए जाएंगे। उन्होंने वन विभागीय योजनाओं, वन विकास गतिविधियों, हरियालो राजस्थान आदि पर जोर देते हुए लक्ष्य के अनुरूप पौधरोपण के साथ ही वन संरक्षण एवं संवर्धन के लिए हर स्तर पर प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने नशे पर रोकथाम, शहर की सड़कों की मरम्मत व पेचवर्क तत्काल सुनिश्चित करने के साथ ही शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बनाए रखने और जल समस्या सामने आने पर तत्काल कार्यवाही करते हुए राहत देने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई सुविधाओं के विस्तार, सौर ऊर्जा आधारित तथा अन्य लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं, बजट घोषणाओं की अद्यतन प्रगति, बिजली तंत्र विकास एवं सुधार तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की स्थिति, पेयजल परियोजनाओं, जिले में पेयजल उपलब्धता एवं वितरण, समर कंटीन्जेंसी प्लान, जल जीवन मिशन, सड़क सुविधाओं के विस्तार, नवीन सड़कों के निर्माण, औऐऐचिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं, मौसमी बीमारियों से निपटने के ऐहतियाती प्रयासों, हीटवेव प्रबन्धन, चिकित्सा सेवाओं के आधुनिकीकरण आदि की प्रगति की जानकारी ली और हर स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बांसवाडा जिले में विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने यहां की स्वस्थ आबोहवा को देखते हुए पर्यटन को बढावा देने पर भी जोर दिया। किसानों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में विभिन्न योजनाओ का संचालन कर रही है, जिनके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं।
जिलास्तरीय समीक्षा बैठक में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी, विधायक कैलाश मीणा, संभागीय आयुक्त प्रज्ञा केवलरमानी, पुलिस महानिरीक्षक उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव, जिला कलक्टर डॉ. इन्द्रजीतसिंह यादव, जिला पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी सहित जनप्रतिनिधि एवं जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद थे।
