नयी दिल्ली, 21 मई (वार्ता) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में इस साल आठ लाख से अधिक छात्र भाग लेने वाले हैं, जिसके मद्देनजर संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने तीन अतिरिक्त परीक्षा केंद्रों को जोड़ा है, ताकि परीक्षा केंद्रों पर भीड़ को कम किया जा सके।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, परीक्षा केंद्रों पर भीड़भाड़ कम करने के इसी प्रयास के तहत यूपीएससी ने भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में तीन नए परीक्षा केंद्र शुरू किए हैं। इन तीन नए केंद्रों के जुड़ने के बाद अब प्रारंभिक परीक्षा के लिए देश भर में परीक्षा केंद्रों की कुल संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है।
विज्ञप्ति के अनुसार, इस वर्ष परीक्षा के लिए कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से लगभग 23,000 उम्मीदवारों ने इन नए केंद्रों के लिए आवेदन किया है।
इस नई पहल के बारे में यूपीएससी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा, “हमारा उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को उम्मीदवारों के लिए अधिक अनुकूल, सुलभ और कुशल बनाना है। तीन नए केंद्रों को जोड़ने का उद्देश्य भीड़ को कम करना और उम्मीदवारों को अधिक सुविधा देना है। इसके अलावा, इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दिव्यांग उम्मीदवारों को उनके पसंदीदा परीक्षा केंद्र आवंटित कर परीक्षा को और समावेशी बनाया जा सके।”
नए परीक्षा केंद्रों की स्थापना से पुराने केंद्रों का बोझ काफी हद तक कम हुआ है। ओडिशा में नए भुवनेश्वर केंद्र ने कटक केंद्र के दबाव को काफी कम किया है, जहाँ परीक्षा के लिए 10,656 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी तरह, उत्तर प्रदेश में कानपुर केंद्र के जुड़ने से लखनऊ केंद्र पर दबाव कम हुआ है और इस नए कानपुर केंद्र को 6,938 आवेदन मिले हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मेरठ केंद्र की शुरुआत से आस-पास के क्षेत्रों के उम्मीदवारों को बड़ा लाभ हुआ है और गाजियाबाद केंद्र पर उनकी निर्भरता कम हुई है, यहाँ मेरठ केंद्र के लिए 5,902 आवेदन प्राप्त हुए हैं।
अपने परीक्षा ढांचे को भविष्य के लिए और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोग ने इस बार आवेदन फॉर्म में एक ‘ड्रॉपडाउन’ विकल्प भी शामिल किया था। इसके माध्यम से उम्मीदवार अपने पसंदीदा नजदीकी शहरों के बारे में जानकारी दे सकते थे। इस कवायद के जरिए जो डेटा इकट्ठा हुआ है, उसका उपयोग भविष्य में उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं को समझने के लिए एक सर्वे के रूप में किया जाएगा। इससे आने वाले समय में नए परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए सही और व्यावहारिक स्थानों की पहचान करने में मदद मिलेगी।
