ब्रिक्स युवा उद्यमिता बैठक में जनसांख्यिकीय ताकत से भविष्य गढ़ने पर जोर

इंदौर: इंदौर भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत इंदौर में आयोजित ब्रिक्स युवा परिषद उद्यमिता कार्य समूह की बैठक में युवा-नेतृत्व वाले नवाचार, स्टार्टअप सहयोग और सतत विकास पर व्यापक चर्चा हुई. बैठक का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सततता के लिए निर्माण’ रखा गया है. इसमें ब्रिक्स देशों के युवा उद्यमी, नीति-निर्माता, स्टार्टअप लीडर्स और विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हुए.

केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स देशों की जनसांख्यिकीय शक्ति उन्हें वैश्विक कार्य संस्कृति और रोजगार के भविष्य को आकार देने का अवसर देती है. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों की संयुक्त आबादी दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करती है और कई सदस्य देशों में 35 वर्ष से कम आयु की आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है. भारत में लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, जो नवाचार और उद्यमिता की बड़ी ताकत है.

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में कौशल विकास, डिजिटल समावेशन और स्टार्टअप इकोसिस्टम में हुई प्रगति का उल्लेख किया. युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि जब ब्रिक्स देश मिलकर काम करते हैं और एक-दूसरे से सीखते हैं, तब स्थानीय नवाचार वैश्विक प्रभाव पैदा करते हैं. उन्होंने कहा कि भारत के छोटे शहरों और टियर-2 एवं टियर-3 शहरों के युवा तेजी से सफल उद्यम स्थापित कर रहे हैं, जो समावेशी और युवा-नेतृत्व वाले विकास का उदाहरण है. बैठक में डिजिटल नवाचार, एआई, फिनटेक, एग्रीटेक, हरित उद्यमिता, स्वच्छ ऊर्जा और सामाजिक उद्यमिता जैसे विषयों पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में प्रदर्शनी, नेटवर्किंग सत्र, फायरसाइड वार्ता और संवादात्मक कार्यशालाएं भी आयोजित हुईं, जिनका उद्देश्य ब्रिक्स देशों के युवा उद्यमियों के बीच सहयोग और साझेदारी को मजबूत करना है।

नवाचार, रोजगार की प्रमुख शक्ति
युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि युवा उद्यमिता अब नवाचार, रोजगार और समावेशी विकास की प्रमुख शक्ति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स उद्यमिता कार्य समूह सदस्य देशों को अनुभव साझा करने और भविष्य के लिए तैयार उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है.

मप्र निवेश का प्रमुख केंद्रः सारंग

मध्यप्रदेश शासन के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि ब्रिक्स राष्ट्र नवाचार, उद्यमिता और वैश्विक सहयोग के भविष्य का प्रतिनिधित्व करते हैं. ब्रिक्स अब केवल आर्थिक गठबंधन नहीं, बल्कि व्यापार, तकनीक और सतत विकास को दिशा देने वाला वैश्विक मंच बन चुका है. उन्होंने बताया कि ब्रिक्स समूह विश्व की लगभग आधी आबादी और वैश्विक जीडीपी के 35 से 40 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है. विश्वास सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश निवेश, औद्योगिक विकास और स्टार्टअप ग्रोथ का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है. उन्होंने इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर और मध्य भारत का इनोवेशन हब बताते हुए राज्य की आईटी, एग्रीटेक, रिन्यूएबल एनर्जी और स्टार्टअप संभावनाओं को रेखांकित किया

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