भोपाल: सीहोर जिले के जल संकटग्रस्त गांवों की महिलाओं ने बुधवार को भीषण गर्मी के बीच गांधीगिरी अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। खाली पानी के बर्तन सिर पर रखकर और हाथों में गुलाब के फूल लेकर करीब 200 ग्रामीण महिलाएं व पुरुष पैदल रैली निकालते हुए भोपाल पहुंचे। रैली में ग्राम पंचायत रामगढ़ सहित पांगरी जंगल, काला पाठा, आलमपुरा, अमरोहा, जामिनी और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों के ग्रामीण शामिल हुए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांवों में गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है, लेकिन बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद नलकूप खनन और नल-जल योजना पर काम शुरू नहीं हुआ। किसान एवं समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से बोर खनन और पाइपलाइन से जल आपूर्ति की मांग उठाई।
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय बजट में कटौती के कारण काम अटका हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
