छतरपुर। जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार जिले के चयनित 66 जनजातीय बाहुल्य गांवों में ‘जन भागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले’ अभियान का भव्य शुभारंभ किया गया है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशन में आगामी 25 मई 2026 तक संचालित होने वाले इस राष्ट्रव्यापी आई.ई.सी. (सूचना, शिक्षा, संचार) अभियान के तहत विशेष लाभार्थी संतृप्ति शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस महाअभियान का मुख्य उद्देश्य सुदूर क्षेत्रों में निवास करने वाले पी.वी.टी.जी. (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) और जनजातीय समुदाय के परिवारों को शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।
66 गांवों में स्वास्थ्य शिविर, जनसुनवाई और पैदल भ्रमण
भारत सरकार से प्राप्त विस्तृत दिशा-निर्देशों के अनुसार, 25 मई तक प्रतिदिन चयनित ग्राम स्तर पर स्वास्थ्य शिविर, जनसुनवाई, अधिकारियों द्वारा पैदल भ्रमण, पौधरोपण और विभिन्न विभागों के सेचुरेशन (संतृप्ति) कार्य किए जाएंगे। इस अभियान के लिए छतरपुर जिले के कुल 66 गांवों को चिह्नित किया गया है। इनमें जनपद पंचायत बक्सवाहा के सर्वाधिक 49 ग्राम, बिजावर के 14 ग्राम तथा जनपद पंचायत बड़ामलहरा, लवकुशनगर व राजनगर के 1-1 ग्राम को सम्मिलित किया गया है।
17 विभागों की 25 प्रमुख योजनाओं से संवरेगी जनजातीय आबादी
इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य फोकस जनजातीय समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में व्यापक सुधार लाना है। इसके तहत 17 विभागों या मंत्रालयों की कुल 25 प्रमुख योजनाओं से प्रत्येक पात्र परिवार को जोड़ा जाएगा। इन योजनाओं में मुख्य रूप से:
आवास और बुनियादी सुविधाएं: पक्के मकान, सड़क, शुद्ध पेयजल, ग्रिड बिजली एवं सोलर कनेक्शन।
स्वास्थ्य और पोषण: आयुष्मान कार्ड, मोबाइल मेडिकल यूनिट, आंगनवाड़ी और पोषण वाटिका।
आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा: पीएम जनधन योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड और पीएम किसान कार्ड।
पहचान और दस्तावेज: जाति प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र और डिजिटल कनेक्टिविटी के लिए 4जी मोबाइल सेवा।
